उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में बेधड़क चल रहे बालू खनन पर कैसे लगाम लगे यह बड़ा सवाल बन गया है। इसके लिए पुलिस प्रशासन भी खासा परेशान है। ऐसा नहीं है कि पुलिस अपने स्तर पर कुछ नहीं कर रही लेकिन क्या करें स्थिति ही ऐसी बन गई है। अब तो लगता है कि खनन माफियाओं के दिल से पुलिस का खौफ निकल गया है। तभी तो इतनी रोक लगने के बावजूद ये बाज नहीं आ रहे।
चित्रकूट के पहाड़ी थाना क्षेत्र के कई घाटों से अब भी अवैध रूप से बालू खनन जारी है। खनन माफिया बेखौफ रेत से लदे ट्रक ट्रॉलियां ला-लेजा रहे हैं।पिलखिनी में दो बार एसडीएम के छापेमारी के बाद भी पोकलैंड से मानक की अनदेखी कर मशीनों से बालू निकाली जा रही है।
पहाड़ी थाना क्षेत्र के लोहदा, बरेठी, कहेटा, दहिनी और कलवारा घाटों में दिनरात ट्रैक्टर व ट्रकाें से बालू ढुलान जारी है। इसी तरह पिलखिनी के घाट पर पोकलैंड व जेसीबी से बालू निकाली जा रही है। इस स्थान पर दो बार राजापुर एसडीएम छापेमारी भी कर चुके हैं। एक बार पोकलैंड मशीन भी पकड़ी लेकिन इसके बाद खनन जारी रहा।
पहाड़ी थानाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने बताया कि चार दिन के अंदर आधा दर्जन बालू लदे ट्रैक्टर पकड़े हैं। अवैध रूप से बालू के ढुलान पर पूरी तरह रोक लगाने के प्रयास जारी है। शिवरामपुर चौकी प्रभारी शरद पटेल ने बताया कि भसौंध के दहिनी घाट से बालू लेकर बांदा की ओर जा रहे ट्रैक्टर में इटवा बिसंडा बांदा निवासी अरविंद पुत्र मुंशी को अवैध खनन मामले में पकड़ गया है।