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समितियों पर यूरिया की किल्लत, निजी दुकानों पर कालाबाजारी का आरोप

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एसडीएम गौरव शुक्ला को ज्ञापन सौंपते कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद शाक्य, साथ में खड़े जिला उपाध्यक - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ(कन्नौज)। सहकारी समितियों पर यूरिया खाद की किल्लत है। कांग्रेसियों ने निजी दुकानों पर कालाबाजारी का आरोप लगाया है। बुधवार को कांग्रेसियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर खुले बाजारों में भरपूर मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की।
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बुधवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद शाक्य के नेतृत्व में दर्जन भर कांग्रेसी तहसील मुख्यालय पहुंचे। कांग्रेसियों ने राज्यपाल से संबोधित ज्ञापन एसडीएम गौरव शुक्ला को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यूपी में यूरिया की भारी किल्लत है। इस समय धान की फसल में यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है। अगर धान की फसल के लिए जल्द यूरिया न मिली तो फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सहकारी समितियों पर यूरिया खाद की कमी से कालाबाजारी होने लगी है। इससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी समितियों और खुले बाजारों में यूरिया भरपूर मात्रा में उपलब्ध करानी चाहिए। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष विनोद दुबे, बहार कुरैशी, देवकीनंदन दुबे, गोविंद वर्मा, चंद्रशेखर, धर्मेंद्र कुमार, मो. शाकिर हुसैन व मो. आमिर अंसारी सहित कई लोग मौजूद रहे।
मनमाने ढंग से बेची जा रही खाद
तालग्राम। पॉस मशीनों के बजाय दुकानदार मनमाने ढंग से खाद बेच रहे हैं। इससे कालाबाजारी नहीं रुक रही। किसानों को बिक्री का कैश मेमो भी नहीं दिया जा रहा है। कन्नौज में 2017 में तत्कालीन कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने 292 उर्वरक दुकानदारों को पॉस(प्वाइंट ऑफ सेल )मशीनें दी थीं। बिना पॉस मशीन के उर्वरकों की बिक्री करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। पॉस मशीन में उर्वरक खरीदने वाले किसानों को आधार कार्ड नंबर के साथ अंगूठा लगाना पड़ता था। इसके साथ ही खरीदी गई उर्वरक के निर्धारित मूल्य की पर्ची निकलती है। दुकानदार अधिक दाम नहीं ले पाते हैं। किसान प्रमोद कुमार, महेशचंद्र, कुलदीप, सर्वेश कुमार और शेर सिंह कुशवाहा ने बताया कि निजी उर्वरक दुकानदार पॉस मशीन से खाद नहीं दे रहे हैं। तय मूल्य से ज्यादा वसूला जा रहा है। कैश मेमो नहीं दिया जाता है। खाद की कालाबाजारी की जा रही है। वहीं जिला कृषि अधिकारी राममिलन परिहार का कहना है कि सभी उर्वरक विक्रेताओं को पॉस मशीनें दी जा चुकी हैं। इन्हीं के जरिए बिक्री करने के निर्देश हैं। छापेमारी में पॉस मशीन न मिले पर कार्रवाई की जाएगी।
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