मौरंग खनन मामले में सीबीआई की जांच के बाद कई नेताओं के होश उड़े हुए हैं। आईएएस बीचंद्रकला से भी खनन मामले में सीबीआई अधिकारियों ने पूछताछ की है। इस मामले में पूर्व सीएम अखिलेश यादव से पूछताछ करने की बात सामने आई थी। सपा मुखिया का नाम खनन मामले में आने से सपाईयों में खासा रोष है।
पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि खनन के मामले में राष्ट्रीय अध्यक्ष को बदनाम करने के लिए भाजपा कुचक्र रच रही है। गुरुवार को सपाइयों ने कन्नौज में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी राजेश चौरसिया को सौंपा। जिसमें राज्य और केंद्र सरकार की कूटनीति के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और विधान परिषद सदस्य रमेश मिश्रा को बदनाम करने की बात कही गई।
पार्टी नेताओं ने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन होने से भाजपा घबरा गई है। इसके चलते ही ऐसी साजिश रची जा रही है। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि लोकतंत्र में विपक्ष के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव शादाब हुसैन के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।