निर्वाचन आयोग के संक्षिप्त सूची अभियान में छाई सुस्ती को भांपकर महोबा व कुलपहाड़ तहसील में जिलाधिकारी का माथा ठनक गया। इस पर उन्होंने बीएलओ की बैठक बुला ली। शुक्रवार को आलम यह रहा कि तहसील के 24 बीएलओ मीटिंग के लिए पहुंचे ही नहीं। डीएम ने अनुपस्थित रहे सभी बीएलओ का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही सभी से स्पष्टीकरण भी मांगा।
महोबा तहसील में जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 12 व 13 नवंबर को विशेष अभियान में अधिक से अधिक मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने काम में लापरवाही बरतने वाले बीएलओ को कार्रवाई की चेतावनी दी। कहा कि बीएलओ सूची पुनरीक्षण के काम में किसी भी प्रकार की मनमानी न बरते। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एसडीएम प्रबुद्ध सिंह, तहसीलदार कर्मवीर सिंह के अलावा तहसील क्षेत्र के बीएलओ मौजूद रहे।
कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार डीएम वीरेश्वर सिंह ने बीएलओ की बैठक ली। जिसमें 10 से कम फार्म भरने वाले बीएलओ को चेतावनी दी। 149 बीएलओ ऐसे पाए गए जिन्होंने कार्य में रुचि न दिखाते हुए एक या दो फार्म भरे हैं। जबकि उन्हें कम से कम 10 फार्म भरने थे। ऐसे बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसडीएम को आदेश दिए। बैठक में अनुपस्थित रहे 24 बीएलओ का एक दिन का वेतन काटने के डीएम ने निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम विनय कुमार पाठक के अलावा बीएलओ शामिल रहे।