कानपुर। मानसून के संवेदनशील दौर में नहरों और तटबंधों की निगरानी में लापरवाही पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सिंचाई विभाग के चार सहायक अभियंताओं समेत आठ कर्मचारियों का वेतन रोका है। इसमें निचली गंगा नहर कानपुर प्रखंड के चार सहायक अभियंता सार्थक, प्रशांत वर्मा, राम प्रकाश और विनोद कुमार सहित तीन लिपिक वीरेंद्र कुमार माथुर, एनके पटेल, ज्योति खन्ना तथा सींचपाल संजय कुमार गुप्ता शामिल हैं। वहीं अधिशासी अभियंता से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे डीएम ने निचली गंगा नहर प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। जांच में चारों सहायक अभियंता बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित मिले। उनके अवकाश या क्षेत्र भ्रमण का कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं था। अन्य अनुपस्थित कर्मचारियों का भी कार्यालय में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका और कार्यालय के अभिलेखों में भी गंभीर खामियां सामने आईं। सहायक अभियंताओं के नियमित हस्ताक्षर नहीं मिले जबकि कार्यालय में मूवमेंट रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं था। इस पर डीएम ने तत्काल मूवमेंट रजिस्टर तैयार कराने और कार्यालय से बाहर जाने वाले प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी का समय, स्थान, भ्रमण का उद्देश्य तथा वापसी का समय अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। राजपत्रित अधिकारियों के लिए उपस्थिति पंजिका पर प्रतिदिन हस्ताक्षर करना भी अनिवार्य किया गया है।
अधिशासी अभियंता की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने पूछा कि वर्षा ऋतु जैसे संवेदनशील समय में नहरों, तटबंधों और जल निकासी व्यवस्था की निगरानी किसके जिम्मे थी। उन्होंने सभी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों का तत्काल निरीक्षण कर सूची तैयार करने, क्षेत्रवार जिम्मेदारी तय करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।