सैफई मेडिकल कॉलेज में सिर मुंडवा कर कक्षा के लिए जाते जूनियर छात्र
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सैफई मेडिकल कॉलेज (मिनी पीजीआई) में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के सिर मुंडाकर रैगिंग करने के मामले में शुरुआत से इनकार की मुद्रा अपना रहे संस्थान के जिम्मेदारों ने रैगिंग की बात स्वीकार ली है। डीएम की रिपोर्ट और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की पूछताछ से गहराए दबाव के बीच आनन-फानन में सात सीनियर विद्यार्थियों को निलंबित कर दिया गया है। इन पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। इसी बैच (साल 2018) के हर एमबीबीएस छात्र-छात्रा पर भी पांच-पांच हजार अर्थदंड तय किया गया है।
शुक्रवार को कैंपस में पत्रकार वार्ता के बीच मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. पीके जैन ने बताया कि दोषी छात्रों पर कार्रवाई के अलावा कुलपति डॉ. राजकुमार ने छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष डा. कल्बे जव्वाद को पद से हटाने और शाक्यमुनि छात्रावास के दो अधीक्षकों को निलंबित करने का निर्णय भी लिया है। इसके अतिरिक्त छात्रावास के सभी सुरक्षाकर्मियों को नौकरी से हटा दिया गया है। साथ ही एंटी रैगिंग स्क्वॉड को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कैंपस की मॉनिटरिंग टीम को पुनर्गठित करने का निर्णय भी लिया गया है। डॉ. जैन ने कहा कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर की भी तैयारी है।
नौ छात्र-छात्राओं ने दर्ज कराए बयान
डॉ. राजकुमार के मुताबिक वीसी के निर्देश पर बृहस्पतिवार शाम से रात तक दोबारा की गई जांच में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के 169 छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए गए। इनमें से 105 छात्रों और 55 छात्राओं ने रैगिंग से इनकार किया। पांच छात्रों और चार छात्राओं ने रैगिंग के नाम पर प्रताड़ित होने के बयान दिए।
सीएम और डीएम के दबाव में एक्शन
सौ से ज्यादा विद्यार्थियों के सिर मुंडवाए और गर्दन झुकाए मुद्रा के फोटो वायरल होने के बाद भी रैगिंग को नकार रहे कैंपस के जिम्मेदारों को डीएम के एक्शन और सीएम के दखल के बाद यूटर्न लेना पड़ा है। डीएम जेबी सिंह ने प्रशासनिक टीम से जांच कराई तो रैगिंग की स्वीकारोक्ति के साथ मिनी पीजीआई प्रशासन की ढिलाई की रिपोर्ट मिली। शासन तक यह रिपोर्ट पहुंचने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से वीसी से रिपोर्ट मांगी गई। अब ताजे एक्शन की रिपोर्ट लेकर वीसी कल (शनिवार) को लखनऊ पहुंचेंगे।