वहीं कमिश्नरी बनने से पहले पुलिस की जमीन पर कब्जा करने वाले कटरी निवासी शातिर और उसके बेटे के खिलाफ भू-माफिया की गिरफ्तारी की गई थी। जेल से निकलने के बाद शातिर और उसका बेटा भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
शासन के आदेश के बाद बढ़ी सख्ती
कुछ दिन पहले तक साहब लारी और उसके गुर्गे राजनीतिक संरक्षण में थे लेकिन बीते शुक्रवार को शासन से मिले आदेश के बाद स्थानीय अधिकारियों ने भू-माफिया, गैैंगस्टर, जिलाबदर और दूसरे शातिरों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के लिए दूर की कौड़ी है साहब लारी
साहब लारी, अंशुल ठाकुर और गिरोह के दूसरे सदस्यों ने श्याम नगर के पास केडीए की जमीन पर राम नगरी बसा दी थी। पूरी तरह से अवैध होने पर इसे केडीए ने गिराने के आदेश भी जारी कर दिए थे। यहां साहब लारी का सरपरस्त बीजेपी नेता का भाई साथ आ गया।
पूरा मामला वहीं से ठप हो गया। कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने जब उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू की, तो उससे पहले ही साहब लारी अपने गुर्गों के साथ अंडरग्राउंड हो गया। अब लगातार पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है, जो अभी गिरफ्त से दूर है।