इटावा। इटावा सफारी पार्क में जन्में नर शावक को जब मां शेरनी रूपा ने दुलार नहीं दिया और उसकी अनदेखी करने लगी तो सफारी के डाक्टर और कीपर ने शावक को हैंड रियरिंग के सहारे नया जीवन दिया। लगातार एक वर्ष की देखरेख के बाद यह शावक अब पूरी तरह से स्वस्थ है। यही नहीं सफारी के डाक्टरों की इस उपलब्धी पर उनकी देश भर में उनकी मांग बढ़ गई है, अब सफारी के डॉक्टरों को बिहार के राजगीर जू बुलाया गया है।
सफारी पार्क में तीन सितंबर 2023 को बब्बर शेर कान्हा और शेरनी रूपा ने नर शावक को जन्म दिया था। जन्म के बाद से ही शेरनी रूपा ने शावक को अपनाया नहीं और न ही मां की ममता दिखाई। ऐसी स्थिति में सफारी के डाक्टरों और कीपर के सामने यह चुनौती खड़ी हो गई थी कि मां के दूध के बिना उसे कैसे बचाया जाए। पार्क में तैनात डाॅ. रोबिन सिंह यादव व उनकी टीम ने स्वयं शावक के लालन पालन की तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद शावक को मां से अलग कर लिया गया और डाक्टरों की टीम ने उसे हैंड फीडिंग कराने के प्रयास शुरू कर दिए। इस बीच कई मुश्किलें आने के बाद भी टीम ने शावक का जीवन बचा लिया। सफारी टीम की इस उपलब्धी की चर्चा चारों ओर है। बिहार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव/मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने राजगीर जू सफारी में नवजात शावक की देखरेख व हैंड रियरिंग के लिए सफारी पार्क के पशु चिकित्सक डाॅ. रोबिन सिंह यादव को बुलाया है। बिहार राज्य के इस अनुरोध पर प्रदेश के वन विभाग के आला अधिकारियों ने उन्हें राजगीर जू सफारी भेजनी की अनुमति दे दी है।