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जिस दिन हुआ लापता, उसी रात हो गई थी जवान की मौत, प्यास से तड़पकर तोड़ा दम

Tue, 26 Jun 2018 07:45 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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एसएएफ का जवान सचिन शर्मा की फाइल फोटो,  गांव में किया गया अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
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यूपी में चित्रकूट जिले की सीमा से सटे बटोही जंगल में मध्य प्रदेश सशस्त्र पुलिस बल (एसएएफ) के जवान की पानी न मिलने से मौत होने के बाद पूरे दस्यु उन्मूलन अभियान में लगी यूपी एमपी पुलिस टीम के सदस्यों में गहरा शोक है। पोस्टमार्टम में स्पष्ट हुआ कि उसके शरीर में कहीं कोई चोट खरोंच के निशान नहीं हैं। शुक्रवार को भटकने के बाद ही रात को उसकी जंगल में डिहाईड्रेशन व पानी की कमी से मौत हो गई थी। शव ढूंढने में उनके साथियों को दो दिन लग गए। फिलहाल पुलिस ने फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी है। सतना एसपी का कहना है कि अभी डाक्टरों ने फाइनल रिपोर्ट नहीं भेजी है लेकिन यह सब पूर्वानुमान है। 
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बताते चलें कि शुक्रवार को साढ़े पांच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग की तलाश में जिले की सीमा से सटे मप्र के कई थाने की पुलिस व एसएएफ की टीमें कांबिंग करने जंगल में पहुंची थीं। जिसमें 14वीं बटालियन के ई कंपनी असिस्टेंट प्लाटून कमांडर सर्वेश शर्मा के साथ चार जवान भी शामिल थे। बगदरा घाटी के पीछे से जंगल में आगे बढ़ने के बाद अंधेरा होने लगा और इन जवानों की प्यास के कारण हालत बिगड़ने लगी। तीन तो किसी तरह लौट आए लेकिन सचिन शर्मा रास्ता भटक गया और जंगल में ही प्यास से तड़पकर दम तोड़ दिया था।

रविवार की रात को बटोही जंगल में शव मिलने के बाद पुलिस टीम उनके शव को सतना मुख्यालय ले गई। जहां डीएम के आदेश के बाद रातोरात पोस्टमार्टम कराया गया। आईजी उमेश जोगा, डीआईजी अविनाश शर्मा, प्लाटून कमांडर एमएल छारी, एसपी राजेश हिंगडकर व डीएसपी अभिमन्यू मिश्रा ने गार्ड आफ आनर दिया। इसके बाद रात को ही शव जवान के पैतृक गांव भेजकर सोमवार की सुबह अंतिम संस्कार कराया गया है। 
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चार डाक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। जिसमें फानइल रिपोर्ट तो नहीं मिली है लेकिन इतना जरूर दावा किया गया है कि मृतक के शरीर में कोई चोट नहीं है। मौत 48 घंटे पहले ही हुई है और पानी न मिलने से डिहाइड्रेशन से मौत की पूरी संभावना है। शरीर में कई जगह कालापन व धब्बा के बारे में डाक्टरों ने बताया कि जब धूप में निर्जीव शरीर पड़ा होता है तो ऐसे निशान बन जाते हैं।
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