कानपुर। एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की दिसंबर माह की रैंकिंग में जिले को मात्र 80.71 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। इससे जिला प्रदेश में 73वें स्थान पर खिसक गया है। इसमें सदर तहसील सबसे फिसड्डी साबित हुई है। सदर तहसील को प्रदेश स्तर पर 312वीं रैंक मिली और मात्र 72 अंक प्राप्त हुए।
दिसंबर माह में यहां 534 शिकायतें दर्ज हुईं जिनमें से तीन शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं हो सका। नरवल तहसील 83 अंक के साथ प्रदेश में 231वें स्थान पर रही। यहां 358 शिकायतों का निस्तारण किया गया। वहीं, बिल्हौर तहसील को 81 अंक प्राप्त हुए और यह 250वीं रैंक पर रही। यहां 490 शिकायतें दर्ज हुईं जिनमें से चार का निस्तारण नहीं हो सका।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के जनता दर्शन में शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर देने के बावजूद तहसीलों में बैठे उपजिलाधिकारी समस्याओं के समाधान में औपचारिकता पूरी करते नजर आ रहे हैं। इससे स्थिति रैंकिंग गिरती जा रही है।
घाटमपुर तहसील ने आईजीआरएस रैंकिंग में शानदार प्रदर्शन किया है। 100 में से 97 अंक हासिल कर इस तहसील ने प्रदेश में 107वीं रैंक प्राप्त की। यहां कुल 452 शिकायतें आईं जिनमें से एक भी शिकायत लंबित नहीं रही।