कानपुर। कक्षा में कम उपस्थिति के कारण एग्जाम से वंचित स्टूडेंटों ने सोमवार को कानपुर यूनिवर्सिटी में हंगामा किया। इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (आईबीएम) के निदेशक प्रो. मुकेश का घेराव करके नारेबाजी की और शिक्षकों पर प्रदर्शनकारियोें से अभद्रता करने का आरोप लगाया। लड़कियों से धक्कामुक्की तक की गई। इसी का नतीजा रहा कि स्टूडेेंटों ने कुर्सी, मेज पलट दी। बात रजिस्ट्रार तक पहुंची, तब मामला शांत हो सका।
यूनिवर्सिटी कैंपस के 120 स्टूडेंटों को सेमेस्टर परीक्षा से वंचित कर दिया गया। इन सबकी उपस्थिति 60 फीसदी से कम है। नियमानुसार, 75 फीसदी उपस्थिति जरूरी होती है। एग्जाम से वंचित स्टूडेंट सुबह 8 बजे ही यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंच गए। इन सबने सेमेस्टर परीक्षा का विरोध किया और कहा कि किसी को परीक्षा नहीं देने देंगे। तमाम स्टूडेंटों को एग्जाम हाल में जाने से रोक दिया। इसकी सूचना आईबीएम के शिक्षकों को मिली। मौके पर पहुंचे शिक्षकों ने स्टूडेंटों को रोकने की कोशिश की लेकिन मामला बिगड़ गया। हाथापाई की नौबत आ गई। बाद में यूनिवर्सिटी के सुरक्षा कर्मचारी और पुलिस पहुंची। रजिस्ट्रार सैय्यद वकार हुसैन ने कहा कि कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन शहर से बाहर हैं। उनके आने पर ही समाधान संभव है। हाईकोर्ट ने 60 फीसदी से कम स्टूडेेंटों को एग्जाम से रोका है। इसी का अनुपालन कराया जा रहा है।