लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने पूरे देश को जोड़ने का अभियान शुरू किया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश को केंद्र में रखा गया है। इलाहाबाद में जनवरी में होने वाले महाकुंभ से अलग संघ प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर पांच कुंभ आयोजित करेगा। इसकी शुरुआत 23 दिसंबर को लखनऊ में युवा कुंभ से होगी।
पांचों कुंभ के आयोजन को लेकर पिछले दो दिनों से संघ के प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक दिल्ली में चल रही है। पहले दिन की गोपनीय बैठक में संघ के सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, डा. कृष्ण गोपाल और आशीषजी ने कार्य योजना को अंतिम रूप दिया।
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भाजपा को केंद्र की सत्ता में दोबारा लाने के लिए संघ भी रणनीति के तहत काम कर रहा है। लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा वोट बैंक मानते हुए भाजपा की तरह संघ की गतिविधियां भी इसी प्रदेश में ज्यादा चल रही हैं।
बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद, वृंदावन और अयोध्या में कुंभ का आयोजन होगा। लखनऊ प्रदेश की राजधानी है तो बाकी स्थान धार्मिक दृष्टिकोण से पूरे प्रदेश के लोगों से जुड़े हैं।
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तय किया गया है कि सबसे पहले युवा कुंभ का आयोजन होगा। बैठक में बताया गया कि चारों वैचारिक कुंभ कराने का उद्देश्य वैज्ञानिक, धार्मिक, और सामाजिक पहलुओं के विषय में लोगों को जागरूक करना है। अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें और नया विचार निकल सके, इसे ध्यान में रखा गया है।
रविवार को दूसरे दिन की बैठक में सबसे पहले युवा कुंभ के आयोजन संबंधी तैयारियों पर चर्चा की गई। युवा कुंभ के अलावा बाकी कुंभ के आयोजन की तारीख भी जल्द ही घोषित की जाएगी। दिल्ली में आयोजित संघ पदाधिकारियों की बैठक में महानगर से भी लोेगों ने शिरकत की।
इन मुद्दों पर यहां होंगे कुंभ
1- लखनऊ में युवा शक्ति कुंभ,
2- वाराणसी सर्व समावेशी भारतीय चिंतन कुंभ
3- इलाहाबाद में पर्यावरण कुंभ
4- वृंदावन में मातृ शक्ति चिंतन कुंभ
5- अयोध्या में समरसता कुंभ