हादसों में जान गंवाने में कानपुर सबसे ऊपर
वर्ष 2021 के एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में हुए सड़क हादसों में सबसे ज्यादा जानें कानपुर में गई हैं। 1373 लोगों की मौतें सड़क हादसों में हुईं। दूसरे नंबर पर लखनऊ है, जहां 692 लोगों की सड़क हादसों मौतें हुईं।
कानपुर के पांच ब्लैक स्पॉट, जहां सबसे ज्यादा हादसे
ट्रैफिक पुलिस ने कमिश्नरी में पांच ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं, जहां पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। इसमें गुजैनी बाईपास, नौबस्ता कट, यशोदा नगर चौराहा, बर्रा बाईपास और नारामऊ हैं। नारामऊ को छोड़कर अन्य चार ब्लैक स्पॉट साउथ में हैं। तीन वर्षों में सबसे अधिक 21 हादसे नौबस्ता कट पर हुए, जिसमें 41 लोगों की जानें गईं। यशोदा नगर चौराहे पर 17 हादसों में 26 लोगों की मौत हुई। इसी तह से गुजैनी बाईपास पर 19, बर्रा बाईपास पर दस और नारामऊ में आठ लोगों की जान गई।
छह साल पुराना है आदेश, नहीं हो सका था लागू
बाइक चालक व उसपर बैठने वाले दूसरे शख्स को हेलमेट लगाने की अनिवार्यता का आदेश छह साल पहले हुआ था, जिसको लागू नहीं किया जा सका था। इसमें हर स्तर पर लापरवाही बरती गई। अब एक बार फिर से ट्रैफिक निदेशालय ने इस संबंध में निर्देश जारी कर सख्ती से नियम को लागू करने के निर्देश दिए हैं।
ट्रैफिक संबंधी जो भी नियम हैं, उनको लेकर सख्ती बरती जा रही है, इसमें किसी को कोई भी छूट नहीं है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना पूरी तरह से अनिवार्य है। जो भी इसका उल्लंघन करेगा, उन पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।- आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था
कुल 04 लाख 21 हजार 240 चालान
- बगैर हेलमेट : 2 लाख 12 हजार 97 चालान
- नो पार्किंग : 2 लाख
- बगैर सीट बेल्ट : 11149 चालान
- विपरीत दिशा : 5099 चालान
- मोबाइल फोन : 1248 चालान
नियम विरुद्ध चालान काटने की जांच शुरू
नर्वल कस्बा निवासी ऑटो चालक सुनील गुप्ता ने 22 हजार रुपये के हुए चालान से परेशान होकर शनिवार रात फंदा लगा जान दे दी थी। उनकी पत्नी ने बताया था कि 21 जुलाई को ऑटो का 10 हजार व 4 सितंबर को 12 हजार 500 रुपये का चालान किया गया था। चालान की डिटेल निकाली गई तो पता चला कि यह चालान जूही इलाके में किया गया था, जो नियम विरुद्घ था। चालान ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर महेंद्र यादव ने किया था। मामले में आउटर व कमिश्नरी पुलिस ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आखिर क्यों किया जबरन चालान
अनजान शख्स को लिफ्ट देने के कानून के तहत सुनील के ऑटो का चालान किया गया था। ऑटो पर यह नियम लागू नहीं होता। आखिर ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर ने जबरन चालान क्यों किया।
घटना की जानकारी मिली है। जांच कराई जा रही है। अगर चालान करने में किसी तरह की गलती है तो जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।- आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर