बारिश के कारण जब मैच नहीं होता है, उस समय अधिकतर खिलाड़ी होटल में ही समय बिताते हैं। वह टीम मैनेजमेंट के सदस्यों के साथ मिलकर वर्कआउट भी करते और स्वीमिंग में समय देते हैं। यह बातें पूर्व भारतीय गेंदबाज व वर्तमान में ग्रीन पार्क स्टेडियम में चल रहे टेस्ट मैच में कमेंट्री करने आए आरपी सिंह ने कही।
उन्होंने बताया कि बारिश के कारण मैच जब भी नहीं होते हैं तो उस खाली समय का खिलाड़ी होटल में खुद के छूटी हुई चीजों व व्यायाम को करके उस समय अभ्यास सत्र को पूरा करते हैं। कभी-कभी पूरी टीम एकसाथ आगामी सीरीज को लेकर भी मंथन करती है। ग्रीन पार्क स्टेडियम की पिच व मैदान पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि ग्रीन पार्क की पिच हमेशा से गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हुई है। आरपी सिंह ने अपना ही एक किस्सा साझा करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2007 में यहां खेले वन डे में स्विंग गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट चटकाए थे।
इसके अलावा आशीष विसटन जैदी जैसे गेंदबाजों को यहां की विकेट काफी पसंद आती थी। उन्होंने कहा कि लखनऊ के स्पोर्ट्स कॉलेज में रहते हुए क्रिकेट को सीखा है, ऐसे में रणजी के कई मुकाबलों में ग्रीन पार्क स्टेडियम में गेंदबाजी करने का मौका भी मिला है। यहां का विकेट बेहतर है। आरपी ने 1999 में स्पोर्ट्स कॉलेज में एडमिशन लिया था। उन्हें शुरुआती ट्रेनिंग दीपक शर्मा और एसपी श्रीकृष्णन ने दी।
कमेंट्री के चलते नहीं हो पाता है अभ्यास
वर्तमान में चल रही लीजेंट्स क्रिकेट में अभ्यास के सवाल पर उन्होंने कहा कि लगातार इतने क्रिकेट मुकाबलों में कमेंट्री के कारण खुद के अभ्यास के लिए समय ही नहीं मिलता है। वैसे भी लीजेंट्स के मैच भी मैं कम ही खेलता हूं। मुश्किल से एक या दो मुकाबले ही एक सीरीज के दौरान संभव हो पाते हैं।
आरपी सिंह का कॉरियर
गोमती नगर स्थित हॉस्टल में वर्ष 2000 में उनका चयन हुआ, उसके बाद एक साल की कड़ी मेहनत ने उन्हें यूपी अंडर-17 टीम में पहुंचाया। शानदार प्रदर्शन जारी रहा और 2002-2003 में यूपी के लिए खेलते हुए आरपी सिंह ने 22 मैचों में 78 विकेट चटकाए, जो एक रिकॉड भी रहा, इसी के दम पर उनका चयन भारतीय टीम में हुआ। उन्होंने 14 टेस्ट मैचों में 40 विकेट चटकाए। जबकि 58 वनडे मैचों में 69 विकेट उनके नाम हैं। टी-20 के 10 मैचों में आरपी ने 15 विकेट झटके। वर्ष 2008 से लेकर 2016 तक वह आईपीएल खेले और 82 मैचों में 90 विकेट अपने नाम किए।