कानपुर देहात के रूरा रेलवे स्टेशन के पास 28 दिसंबर को सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस के पलटने का मुख्य कारण पटरी की ही खराबी थी। पटरी काटी गई थी या फिर सर्दी की वजह से टूट या चिटक गई थी, इसका खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकता है। यह तथ्य आईआईटी के वैज्ञानिकों की प्रारंभिक जांच में सामने आए हैं।
सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस के पटरी से उतरने से 68 यात्री घायल हो गए थे
रूरा रेल हादसे की तस्वीर
सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस के पटरी से उतरने से 68 यात्री घायल हो गए थे। इस घटना के बाद आईआईटी के साइंटिस्ट मौके पर गए थे। प्रारंभिक छानबीन से जो तथ्य निकलकर सामने आए, उसके मुताबिक सारी गड़बड़ी रेलवे ट्रैक की थी। माना जा रहा है कि पटरी टूटी थी या चिटकी थी या काटी गई थी। आईआईटी की टीम ने रेलवे ट्रैक की सही मानीटरिंग की सलाह दी है।
अब जरूरत तकनीक विकसित करने की
रूरा रेल हादसे की तस्वीर
साथ ही कहा है कि अब जरूरत तकनीक विकसित करने है। गैंगमैन के सहारे पटरी की खामियां ढूंढने से रेलवे बोर्ड को बाज आना होगा। अब मंधना के पास पटरी काटने और ट्रेन पलटाने की साजिश का खुलासा हुआ है। इसका संज्ञान रेल मंत्रालय ने लिया और सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी। इससे माना जा रहा है कि रेल मंत्रालय रूरा और पुखरायां रेल हादसे में भी पटरी काटने के बिंदु पर जांच करवा सकता है।