ससुराल में बेटी को प्रताड़ित किया गया तो मां ने बदला लेने के लिए उसका
घर ही लुटवा दिया। वारदात को अंजाम देने के लिए शातिर अपराधियों को भी
शामिल किया था। दिसंबर 2014 को लूट हुई थी।
बदमाश अब पकड़ा गया तो सास की
पोल पट्टी खुल गई। लूट में महिला का बड़ा दामाद भी शामिल था।
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दिसंबर 2014 को गांव बैरी सवाई निवासी राहुल वर्मा व सचिन वर्मा के घर रात
बदमाशों ने लूट की थी।
इस मामले में सचिन ने शिवली कोतवाली में लूट की
रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साल भर से ज्यादा समय की विवेचना के बाद पुलिस ने
घाटमपुर थाना निवासी बृजेश कुमार, कंसाही फतेहपुर निवासी सुरेंद्र तिवारी
और घाटमपुर के गांव दुरौली गांव निवासी आशादेवी को गिरफ्तार किया।
पुलिस से
पूछताछ में बड़े दामाद बृजेश ने बताया कि उसकी ससुराल घाटमपुर थानाक्षेत्र
के दुरौली गांव में है। दो साल पहले उसकी साली मोनी का विवाह सचिन वर्मा
(पीड़ित) से हुआ। शादी के बाद से ही मोनी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया
जाने लगा। उसने मां आशादेवी से मदद की गुहार लगाई।
मां ने मोनी की
ससुरालवालों को सबक सिखाने की ठान लूट की योजना बना डाली। इस योजना में
परिचित सुरेंद्र तिवारी को भी शामिल किया। थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने
बताया कि लूटपाट की इस योजना में मोनी ने भी बदमाशों की मदद की थी। पुलिस
ने इस घटना में लूटे गए कुछ जेवरात भी बरामद कर लिए हैं। इस मामले में
पुलिस को अभी दो आरोपियों की तलाश है।
उन्नाव
पुलिस ने दो दिन पहले किसी मामले में शातिर बदमाशों को पकड़ा। जिन्होंने
लूट का सुराग दिया। उन्नाव पुलिस की सूचना पर इस साजिश में शामिल सास, साढू
और सुरेंद्र तिवारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।