तभी बाइक से आए तीन बदमाशों पर उसकी नजर पड़ी। कुछ ही देर में तीनों बदमाश मंदिर की ओर बढ़े, तो उसने मंदिर के पुजारी व अन्य लोगों को जगाया। सभी लोगों ने जब बदमाशों को घेरा, तो वह मारपीट करने लगे। शोर शराबा सुनकर पास में ही बनी कॉलोनी से निकले। ग्रामीणों ने जब एक बदमाश पर फावड़े से हमला किया, तो उनमें से एक बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने बाइक को कब्जे में लिया
खुद को घिरता देख तीनों बदमाश बाइक से भागने लगे। तभी उनकी बाइक के पहिए में फावड़े का बट घुसेड़ देने से तीनों गिर पड़े। इससे पहले ग्रामीण उन्हें पकड़ पाते, वह खेतों के रास्ते भाग निकले। उनको पकड़ने के लिए ग्रामीण सुबह तक इलाका घेरे रहे, लेकिन एक भी बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि बाइक कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई है।
मंदिर का दान पत्र लूटने के इरादे से आए थे बदमाश
ग्रामीणों की मानें, तो भदरस में स्थित प्राचीन भद्र काली मंदिर में लगे दान पत्र को लूटने के इरादे से बदमाश आए थे। उनके पास लोहे की रॉड बरामद होने पर ग्रामीणों की शंका को और भी बल मिलता है। ग्राम प्रधान जय नारायन यादव ने बताया कि मंदिर का दान पत्र माह में एक बार खुलता है। हो सकता है बदमाशों को इसकी जानकारी होने के साथ दीपावली पर मंदिर में आए चढ़ावे के बारे में जानकारी हो।
18 साल पहले करोड़ों की राधा-कृष्ण मूर्तियां हुई थी चोरी
कभी गैंगवार को लेकर चर्चा में रहने वाले भदरस गांव में स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में स्थित करोड़ों की अष्टधातु की राधा-कृष्ण की मूर्तियां भी करीब 18 साल पहले चोरी हुई थीं। उसे पुलिस ने बरामद कर शातिर बदमाशों को जेल भेजा था। मगर चोरी की घटना के बाद बरामद मूर्तियों के फिर चोरी होने के डर से पुनः मंदिर में स्थापित कराए जाने की हिम्मत मंदिर की स्थापना कराने वालों के वंशज नहीं जुटा पाए।