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- यात्रियों के कई बार कहने के बावजूद भी चालक ने जानबूझकर बस को पानी में उतरा
- करीब डेढ़ घंटे बाद निकल सकी बस, यात्री भरे पानी से जान जोखिम में डालकर निकले
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। रोडवेज बसों के चालक, परिचालकों की मनमानी ने फिर एक बार करीब 20 यात्रियों की जान जोखिम डाल दी। रविवार शाम को बारिश से भरे अंडरपास में पानी भरने के बावजूद चालक ने बस उतार दी। बस के इंजन में पानी चला जाने से वह अधर में फंस गई। करीब आधे घंटे बाद यात्री पैदल ही जान जोखिम में डालकर तीन फीट भरे पानी से बाहर निकले।
रविवार शाम को हुई तेज बारिश से मैनपुरी अंडरपास में लगभग तीन फीट पानी भर गया था। इस बीच आगरा से इटावा आ रही इटावा डिपो के बस चालक ने यात्रियों के मना करने के बाद बस को अंडरपास में उतार दी। बस बीच में पहुंचते ही बंद हो गई। बस में पानी भरने की वजह से अफरा-तफरी मच गई।
अधिकांश यात्री पैदल ही भरे पानी से गुजरकर पुल से बाहर निकले। इस बीच ही बस के पीछे से आई दो कारें भी पानी में उतर गईं। पानी अधिक होने की वजह से एक लक्जरी कार तो तैरने तक लगी थी। लोगों की मद्द से कार सवारों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने नगर पालिका की जेसीबी से बस और कारों को निकलवाने के बाद दोनों तरफ बैरियर लगवा दिए गए।
नहीं माने तो दर्ज कराई जाएगी रिपोर्ट
एसपी सिटी डॉ. अभयनाथ त्रिपाठी ने बताया कि पहले ही रोडवेज के चालकों परिचालकों को चेताया जा चुका है कि पानी भरे होने के दौरान अंडरपास से बस न निकालें। फिर भी वह नहीं मान रहे हैं। विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है कि यदि अब ऐसा होगा तो संबंधित चालक और परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
कोट
एआरएम डीएम सक्सेना ने बताया कि सभी को आदेश है कि बारिश का पानी अंडरपास में भरा होने की स्थिति में बस न निकालें। फिर भी चालक, परिचालक मनमानी कर रहे हैं। चालक से स्पष्टीकरण लेने के बाद सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।