नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे पर अफजलपुर गांव के पास रविवार शाम महोबा डिपो की तेज रफ्तार रोडवेज बस ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया। भागने के चक्कर में चालक बस में फंसी बाइक को करीब डेढ़ किमी दूर तक घसीटता ले गया। इससे बाइक दो हिस्सों में बंट गई। भीड़ के पीछा करने पर चालक ने बिधनू थाने में घुसकर जान बचाई। पीछे से पहुंची भीड़ ने थाने के बाहर खड़ी बस पर तोड़फोड़ की। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। ग्रामीणों ने हंगामा काटकर चालक पर कार्रवाई की मांग की। करीब ढाई घंटे तक हंगामा चलता रहा।
शिवराजपुर के इधना गांव निवासी वीरेंद्र का बेटा नारायण यादव (18) इंटर का छात्र था। वह दो दिन पहले अफजलपुर में रहने वाले मामा शिवमोहन के घर आया था। रविवार शाम करीब चार बजे वह पड़ोसी शिव सिंह के बेेटे सोमेंद्र यादव (23) के साथ सब्जी लेने बिधनू बाजार जा रहा था। रास्ते में गांव का सतेंद्र यादव (32) भी साथ में चल दिया।
बिना हेलमेट तीनों बिधनू जा रहे थे। अफजलपुर मोड़ के पास कानपुर से महोबा जा रही तेज रफ्तार रोडवेज बस ने टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चला रहे सोमेंद्र और बीच बैठे नारायण की मौके पर मौत हो गई। सतेंद्र लहूलुहान अवस्था में सड़क किनारे जा गिरा। भागने के चक्कर में बाइक बस के आगे बोनट में फंस गई। करीब डेढ़ किलोमीटर घिसटती चली गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल सतेंद्र को बिधनू सीएचसी पहुंचाया।