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यूपी में भीषण सड़क हादसा, कंटेनर ने बाइक सवारों को रौंदा, पिता-पुत्र समेत तीन की मौत

Thu, 14 Jan 2021 09:02 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
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मौके पर मौजूद पुलिस व क्षतिग्रस्त बाइक - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर प्रयागराज हाईवे पर थरियांव थाना क्षेत्र के आंबापुर पूर्वी हाईवे के पास गुरुवार शाम करीब डायवर्जन से पहले ब्रेकर पर बाइक सवार अनियंत्रित होकर नीचे गिरे, तो पीछे से आ रहे कंटेनर ने उन्हें रौंद दिया। हादसे में पिता और उसके छह साल के बेटे समेत तीन की मौत हो गई।
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घटना के बाद करीब आधे घंटे तक हाईवे पर यातायात बाधित रहा। गाजीपुर थाना क्षेत्र के इंद्रो गांव निवासी चंद्रशेखर लोधी (40) थरियांव थाना क्षेत्र के हासिमपुर भेदपुर निवासी साढ़ूू पित्तन के घर गया था। साढ़ू के घर में उसकी पत्नी सीमा और बेटा शुभम (6) कुछ दिन पहले गए थे।

गुरुवार देर शाम वह साढ़ू के भाई गुलशन की बाइक लेकर उनके पड़ोसी रामबरन (40) पुत्र बाबूलाल के साथ कुछ सामान लेने बाजार जा रहा था। यह देख चंद्रशेखर का बेटा शुभम भी घूमने की जिद करने लगा। तो चंद्रशेखर ने बेटे को अपने साथ बैठा लिया।
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आंबापुर पूर्वी हाईवे पर डायवर्जन से पहले ब्रेकर पर बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिर पड़े। इस दौरान पीछे से आए कंटेनर ने तीनों को रौंद दिया। हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। हादसा देखकर ढाबा संचालक ने कंटेनर चालक को पकड़ कर ढाबे में बैठा लिया लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग निकला।

करीब साढ़े सात बजे सीओ अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। तब पुलिस ने यातायात बहाल कराया। सीओ ने बताया कि कंटनेर थाने में खड़ा कराया गया है। चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। बाइक चालक हेलमेट नहीं लगाए थे। 

डायवर्जन पर संकेतांक तक नहीं 
मकर संक्रांति पर्व की शाम हादसे में पिता पुत्र समेत तीन की मौत से उनके परिवारों में कोहराम मच गया। हादसे में कहीं न कहीं हाईवे निर्माण कंपनी के लोग भी जिम्मेदार हैं। लोगों का कहना है कि डायवर्जन के पास रेडियम और आईकैच लाइट का इंतजाम नहीं कराया गया।

जिससे बाइक सवारों और कंटेनर चालक को ब्रेकर और डायवर्जन मोड़ का अंदाजा नहीं लग सका। गाजीपुर थानाक्षेत्र के इंद्रो गांव का चंद्रशेखर मजदूरी से परिवार का जीवन यापन करता था। हादसे की खबर पर पत्नी सीमा रोते बिलखते मौके पर पहुंची।
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पति और बेटे की मौत से बदहवास हो गई। सीमा की एक बेटी आकांक्षा है। परिवार के मुखिया की मौत से उसका सब कुछ बर्बाद हो गया। परिजन बोले कि पिता के साथ ही बेटे की मौत नसीब में लिखी थी। शुभम पिता के साथ जाने की जिद नहीं करता तो उसकी जान बच जाती। उसकी मौत से परिवार का इकलौता चिराग बुझा है। उधर, जान गंवाने वाला रामबरन भी मजदूरी करता था। उससे छोटे दो भाई शिवबरन और छोटू हैं। 

शवों को हाथ लगाने से कतराए लोग 
घटनास्थल पर शवों को उठाने के लिए कोई आगे नहीं आया। क्षत विक्षत शवों को हाईवे पर लोग तमाशबीन की तरह खड़े होकर देखते रहे। थरियांव थाने के हेड कांस्टेबल शीत बसंत मौर्य, दीपक सिंह ने मिल कर लोडर में शव रखवाए और मार्च्युरी हाउस लेकर पहुंचे। 

पीएनसी की लापरवाही आई सामने
हाईवे का निर्माण करा रही पीएनसी संस्था की लापरवाही से आए दिन लोग काल के गाल में समा रहे हैं। हादसे के पीछे माना जा रहा है कि अचानक कट होने वजह से बाइक चालक ने ब्रेक लगाई। ढाबा संचालक शानू ने बताया कि ब्रेक लगने से तीनों लोग बाइक से गिरे। बगल से निकला कंटेनर तीनों को रौंदता निकल गया। हाईवे में बने डाइवर्जन में कोई भी रेडियम का संकेतांक नहीं लगा था। दूर से मोड़ तक नहीं दिखता है। जिसके कारण हादसा हुआ।
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