गौरीरतन बांगर गांव के पास यमुना नदी पर बने पीपा पुल से गुजरते राहगीर।
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राजपुर (कानपुर देहात)। शनिवार को बेहमई गांव पास यमुना नदी में बने अस्थायी पीपे पुल की मरम्मत का कार्य पूरा हो गया। दोपहर बाद वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। क्षेत्रीय लोगों ने मरम्मत के बाद राहत की सांस ली। पुल की चहली टूटने से लोगों को 40 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा था।
राजपुर कस्बे के बेहमई गांव के पास गौरीरतन बांगर गांव से निकली यमुना नदी पर पीपे का अस्थायी पुल बना है। 27 जनवरी को पुल से ओवरलोड बालू लदा ट्रैक्टर-ट्राली गुजरने के दौरान पुल की चहली टूट गई। पुल क्षतिग्रस्त होने से लोहे के गाटर नदी में डूब गए थे और लकड़ी की चहली नदी की जलधारा में बह गई थी। पुल क्षतिग्रस्त होने से आवागमन ठप हो गया था। क्षेत्र के लोगों को 40 से 50 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा था। जानकारी के बाद भी विभागीय अफसर ध्यान नहीं दे रहे थे। अमर उजाला ने समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
शनिवार को विभाग के अफसर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां चहली व लोहे के गाटर को नदी से निकाला गया। बाद में पुल की मरम्मत की गई। दोपहर बाद पुल से आवागमन शुरू हो गया। पीडब्ल्यूडी के जेई राधेश्याम यादव ने बताया कि पुल की मरम्मत कर दी गई है। अब लोग वहां से आवागमन कर सकते हैं।