महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी
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कानपुर: महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि कुछ झोलाछाप किस्म के लोग पोर्टेबल मशीन लेकर अब भी घरों में जाकर लिंग की पहचान कर रहे हैं, जिससे कन्या भ्रूण हत्या होती है। इसे रोकने के लिए प्रदेश के 34 जिलों में महिला बाइकर्स भेजी गईं। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने में डॉक्टरों समेत समाज के हर वर्ग को सहयोग करना चाहिए। फेडरेशन ऑफ आब्सटेट्रिक एंड गायनोकोलोजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (फॉगसी) की डब्ल्युडब्ल्युडब्ल्यु कॉन 2018 के महिला सशक्तीकरण फोरम में उन्होंने कहा कि फोरम मन बना ले तो इस बुराई पर अंकुश लग जाएगा।
डॉ. जोशी ने कहा कि लिंगानुपात के आंकड़ों में सुधार आ रहा है। वर्ष 2011 में प्रति एक हजार लड़कों के सापेक्ष 906 लड़कियां रही हैं। यह अनुपात वर्ष 2017 में एक हजार लड़कों के सापेक्ष 912 हो गया। वर्ष 2020 तक एक हजार लड़कों के सापेक्ष 920 लड़कियों का लक्ष्य रखा गया है। योजनाओं से महिला सशक्तीकरण बढ़ा है। पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी हैं। बेटी बचाओ अभियान, शौचालयों के निर्माण का महिलाओं की स्थिति पर अच्छा प्रभाव है। जब उनकी सरकार आई तो मात्र 20 लाख शौचालय बने थे।
उनकी सरकार के 16 महीने में शौचालयों की संख्या एक करोड़, 38 लाख हो गई। स्वच्छता अभियान के महत्व को बताया। उन्होंने बताया कि 181 हेल्पलाइन पर 16 महीने में तीन लाख फोन आए। हेल्पलाइन को आशा ज्योति केंद्र के साथ जोड़ा है। साथ ही इसे रेस्क्यु वैन भी उपलब्ध कराई गई है। अब तक रात में सात हजार और दिन 43 हजार महिलाओं को रेस्क्यु किया गया। 90 हजार महिलाओं की ऑन लाइन काउंसलिंग की गई। सिर्फ यूपी में ही हेल्पलाइन के साथ रेस्क्यु वैन शुरू की गई है।