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Kanpur News: ईंधन के दाम बढ़ने से चौतरफा बढ़ी महंगाई

Sat, 30 May 2026 01:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। पिछले 15 से 20 दिनों में डीजल और पेट्रोल के दाम में करीब आठ रुपये की बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों के किचन तक पहुंच गया है। ईंधन के दाम बढ़ने से दुकान तक उत्पाद को पहुंचाने की लागत बढ़ गई है। इस वजह से कंपनियों ने दैनिक उपयोग की लगभग सभी वस्तुओं के दाम या तो बढ़ा दिए हैं या उनकी मात्रा कम कर दी है।
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महंगाई की मार अब हर व्यक्ति के जेब कतरने को तैयार है। ईंधन और कॉमर्शियल गैस के दाम बढ़ने से चाय, चीनी, दूध जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम कंपनियों ने बढ़ा दिए हैं। साथ ही चाय की पत्ती, नहाने का साबुन सहित कई उत्पादों के वजन कम कर दिए हैं। यह बढ़ोतरी तब है जबकि ट्रांसपोर्टरों ने अभी माल भाड़ा नहीं बढ़ाया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि ईंधन के दाम बढ़ने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। वह एक से 10 प्रतिशत किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। यदि किराया बढ़ता है, तो एक बार फिर सभी सामान के दाम बढ़ना तय है।
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सुबह की चाय से लेकर दाल तक महंगी
महंगाई का चाबुक सुबह की चाय की प्याली पर भी पड़ रहा है। 40 रुपये किलो फुटकर बिकने वाली चीनी के दाम पांच रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं। पैकेट बंद दूध का 500 एमएल पैक 35 की जगह अब 37 रुपये में मिल रहा है। किसी भी कंपनी ने चायपत्ती के पैक का रेट तो नहीं बढ़ाया है लेकिन वजन जरूर कम कर दिया है। 250 ग्राम के पैकेट में 230 ग्राम चायपत्ती मिल रही है और 100 ग्राम नहाने के साबुन का वजन 90 ग्राम कर दिया गया है। इसके अलावा एक किलो सर्फ 70 की जगह 78 रुपये, अरहर की दाल 105 से 115 रुपये के करीब बिक रही है। वहीं सरसों का तेल 15 रुपये, रिफाइंड 20 से 25 रुपये प्रति लीटर महंगे हो गए हैं। किराना व्यापारी महेश गुप्ता ने बताया कि थोक विक्रेताओं ने दाम बढ़ा दिए हैं। इस वजह से उत्पादों के दाम बढ़े हैं। पहले 50 किलो चीनी की बोरी करीब 2100 रुपये में मिलती थी जो अब 2230 रुपये में मिल रही है।
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बार-बार नहीं बढ़ा सकते किराया
जनपद के ट्रांसपोर्ट कारोबारी पवन शुक्ला ने बताया कि अब तक के डीजल रेट बढ़ोतरी के सापेक्ष 10 फीसदी माल भाड़ा बढ़ना तय है। लखनऊ से आने वाली एक पिकअप की लागत 3500 रुपये की जगह 4500 रुपये हो चुकी है। ट्रांसपोर्ट कारोबारी 10 फीसदी बढ़ोतरी तो तत्काल प्रभावी कर सकता है लेकिन अगर डीजल का दाम फिर बढ़ता है तो ट्रांसपोर्टर बार-बार बढ़ोतरी नहीं कर सकते हैं। इसलिए दो से चार दिन नुकसान उठाना बेहतर है। एक ही बार में किराया बढ़ाया जाएगा।
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खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़ने से घर का खर्च चलाना मुश्किल
डीजल-पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे है। इसके चलते खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़ गए हैं। इसका सीधा असर आमजन पर पड़ रहा है। इससे घर खर्च चलाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। - अमित द्विवेदी, रनियां
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डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से सामानों के दाम बढ़ गए हैं। दुकानदार इसे अपनी मजबूरी बता रहे हैं। उन्हें माल की खरीद करने में ज्यादा रुपये लगाने पड़ रहे हैं लेकिन बिक्री होने पर वापसी तो हो रही है। इसका खामियाजा आमजन को झेलना पड़ रहा है। - पवन यादव, रनियां
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दिन प्रतिदिन बढ़ती महंगाई ने कमर तोड़ दी है। महंगाई से घर चलाना दूभर हो गया है। पहले बड़े आराम से 10 हजार रुपये में परिवार का खर्च चल जाता था। महंगाई ने अब बजट बिगाड़ दिया है। - अनुपम त्रिवेदी, रूरा
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दिन प्रतिदिन महंगाई बढ़ती जा रही है। सिलिंडर का दाम पहले ही बढ़ा था। अब चीनी समेत अन्य के दाम बढ़ने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। छोटी सी कमाई में घर कैसे चलेगा यह चिंता सता रही है। - अनामिका गुप्ता, रूरा
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