राजपुर। बढ़ती गर्मी और उमस के चलते जनजीवन बेहाल है। मौसम के इस बदले मिजाज का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इससे पीएचसी की ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। अस्पताल में रोजाना 100 से 125 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जिनमें से करीब 50 फीसदी मरीज मौसमी और त्वचा रोगों से पीड़ित हैं।
हल्की बारिश के बाद निकल रही तेज धूप के कारण दाद, खुजली, घमौरी, फंगल इंफेक्शन और एलर्जी के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसके साथ ही नजला, खांसी और वायरल फीवर की समस्याओं से परेशान मरीजों की तादाद भी लगातार बढ़ रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के डॉ. शिव विनायक त्रिपाठी ने बताया कि भीषण गर्मी और उमस की वजह से शरीर में लगातार नमी बनी रहती है। इस वजह से बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं, जो त्वचा रोगों का मुख्य कारण बनते हैं।
इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और लंबे समय तक धूप या खुले में काम करने वाले लोगों को हो रही है। उन्होंने सलाह दी कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। प्रतिदिन 5-6 लीटर पानी का सेवन करें। चाहें तो पानी में ग्लूकोज या नमक-चीनी मिलाकर पी सकते हैं। घर से बाहर निकलते समय चेहरा सूती कपड़े से ढकें और आंखों पर चश्मा जरूर लगाएं। कहा कि इस मौसम में खानपान में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। साथ ही साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें, ताकि संक्रमण और बीमारियों से बचा जा सके।