शहर को मिलेगी जाम से राहत
रिंग रोड का निर्माण चार पैकेज (हिस्सों) में कराया जा रहा है। सबसे पहले पैकेज - 1 का निर्माण पूरा होगा। ऐसा होते ही जीटी में दिल्ली की तरफ से आकर बुंदेलखंड की तरफ जाने - आने वाले वाहन शहर के बाहर ही बाहर सचेंडी तक पहुंचेंगे और वहां से एनएच-2 से नौबस्ता बाईपास पहुंचकर सागर मार्ग से बुंदेलखंड की तरफ जाएंगे। अभी मंधना से शहर के बीच से निकले जीटी रोड से टाटमिल, यशोदानगर बाईपास, नौबस्ता बाईपास होते हुए ऐसे वाहन सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाते हैं। इसी तररह पैकेज - 4 के तहत निर्माण होने पर वाहनों को एनएच-2 से नौबस्ता बाईपास तक नहीं आना - जाना पड़ेगा, बल्कि वे सचेंडी से ही सीधे रमईपुर में कानपुर - सागर राष्ट्रीय राजमार्ग में पहुंच जाएंगे। इस प्रकार तीन राष्ट्रीय राजमार्ग आपस में जुड़ जाएंगे। ऐसा होने पर नौबस्ता से रमईपुर तक भी आए दिन लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
रिंग रोड के शेष निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया
रिंग रोड के पैकेज - 2 के तहत रमईपुर से रूमा, गंगा नदी होते हुए उन्नाव जिले में आटा और पैकेज - 3 के तहत आटा से गंगा नदी पर प्रदेश का सबसे लंबा पुल बनाते हुए मंधना तक 44 किलोमीटर निर्माण होना है।
7800 करोड़ - जमीन अधिग्रहण एवं निर्माण लागत
49 किलोमीटर - पैकेज - 1 और 4 के तहत शुरूआत में होगा निर्माण
3400 करोड़ - पैकेज - 1 और 4 की कुल लागत
1200 करोड़ - दोनों पैकेज के निर्माण का हुआ ठेका