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सहूलियत: कानपुर में जून में बनने लगेगी रिंग रोड, विकास भरेगा फर्राटा, शहर को मिलेगी जाम से राहत

Sat, 08 Apr 2023 12:23 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर के चारों तरफ नगर, देहात और उन्नाव जिले की जमीन पर 93 किलोमीटर का रिंगरोड बननी है। इसमें से पैकेज - 1 के तहत मंधना से सचेंडी तक लगभग 23 किलोमीटर और पैकेज - 4 के तहत सचेंडी से ग्राम रमईपुर के पास तक 26 किलोमीटर निर्माण होना है। इसका ठेका मैनपुरी की कंस्ट्रक्शन कंपनी राज कारपोरेशन को दिया गया है।
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रिंग रोड (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बहुप्रतीक्षित रिंग रोड निर्माण के लिए ठेकेदार को कार्यादेश जारी कर दिया है। ठेकेदार को जून में निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले जिला प्रशासन को पैकेज - 1 और 4 के तहत छह लेन के निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन में से कम से कम 40 किलोमीटर जमीन काश्तकारों से कब्जा लेकर एनएचएआई को देना है। सब कुछ तय समय में हुआ तो सन् 2025 में इस मार्ग में वाहन फर्राटा भर सकेंगे।

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शहर के चारों तरफ नगर, देहात और उन्नाव जिले की जमीन पर 93 किलोमीटर का रिंगरोड बननी है। इसमें से पैकेज - 1 के तहत मंधना से सचेंडी तक लगभग 23 किलोमीटर और पैकेज - 4 के तहत सचेंडी से ग्राम रमईपुर के पास तक 26 किलोमीटर निर्माण होना है। इसका ठेका मैनपुरी की कंस्ट्रक्शन कंपनी राज कारपोरेशन को दिया गया है। एनएचएआई ने ठेकेदार से अनुबंध करते हुए निर्माण के लिए कार्यादेश भी जारी कर दिया है। ठेकेदार को जून में निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

पर, इससे पहले जिला प्रशासन के पास काश्तकारों से जमीन का कब्जा लेकर एनएचएआई को सौंपना है। एनएचएआई रिंग रोड के लिए काश्तकारों की जमीन अधिग्रहित कर अधिसूचना जारी कर चुका है। अब अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) को काश्तकारों को मुआवजा देते हुए जमीन का कब्जा लेना है। एनएचएआई के नियमानुसार ठेकेदार को निर्माण शुरू करने से पहले 80 फीसदी जमीन का कब्जा देना अनिवार्य है। इस आदेश के तहत 23 किलोमीटर लंबे पैकेज - 1 (मंधना से सचेंडी) और 26 किलोमीटर लंबे पैकेज - 4 (सचेंडी से रमईपुर) तक रिंग रोड के 49 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए शुरूआत में करीब 40 किलोमीटर जमीन का कब्जा मिलना जरूरी है। मौजूदा समय में एनएचएआई के पास रिंग रोड की एक मीटर जमीन का बी कब्जा नहीं है।

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शहर को मिलेगी जाम से राहत
रिंग रोड का निर्माण चार पैकेज (हिस्सों) में कराया जा रहा है। सबसे पहले पैकेज - 1 का निर्माण पूरा होगा। ऐसा होते ही जीटी में दिल्ली की तरफ से आकर बुंदेलखंड की तरफ जाने - आने वाले वाहन शहर के बाहर ही बाहर सचेंडी तक पहुंचेंगे और वहां से एनएच-2 से नौबस्ता बाईपास पहुंचकर सागर मार्ग से बुंदेलखंड की तरफ जाएंगे। अभी मंधना से शहर के बीच से निकले जीटी रोड से टाटमिल, यशोदानगर बाईपास, नौबस्ता बाईपास होते हुए ऐसे वाहन सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाते हैं। इसी तररह पैकेज - 4 के तहत निर्माण होने पर वाहनों को एनएच-2 से नौबस्ता बाईपास तक नहीं आना - जाना पड़ेगा, बल्कि वे सचेंडी से ही सीधे रमईपुर में कानपुर - सागर राष्ट्रीय राजमार्ग में पहुंच जाएंगे। इस प्रकार तीन राष्ट्रीय राजमार्ग आपस में जुड़ जाएंगे। ऐसा होने पर नौबस्ता से रमईपुर तक भी आए दिन लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
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रिंग रोड के शेष निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया
रिंग रोड के पैकेज - 2 के तहत रमईपुर से रूमा, गंगा नदी होते हुए उन्नाव जिले में आटा और पैकेज - 3 के तहत आटा से गंगा नदी पर प्रदेश का सबसे लंबा पुल बनाते हुए मंधना तक 44 किलोमीटर निर्माण होना है।

7800 करोड़ - जमीन अधिग्रहण एवं निर्माण लागत
49 किलोमीटर - पैकेज - 1 और 4 के तहत शुरूआत में होगा निर्माण
3400 करोड़ - पैकेज - 1 और 4 की कुल लागत
1200 करोड़ - दोनों पैकेज के निर्माण का हुआ ठेका
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