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Kanpur: 10वीं, 12वीं के छात्रों को नंबर बढ़ाने का झांसा दे रहे साइबर ठग, छात्रों के पास लगातार आ रही फर्जी कॉल

Sat, 08 Apr 2023 11:49 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कस्बा भीतरगांव निवासी एक इंटर परीक्षार्थी के पिता के मोबाइल नंबर में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे 9679828011 से काल आयी। बताया प्रयागराज बोर्ड से बोल रहे हैं। छात्र के मैथ में केवल 26 नंबर हैं। नंबर बढ़ाने के लिए उसने तीन हजार रुपये की मांग की।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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यूपी बोर्ड की 10वीं 12वीं परीक्षार्थियों का रिजल्ट अंतिम अप्रैल तक जारी होने का अनुमान है। इस बीच परीक्षा में अंक बढ़ाने के लिये पंजीकृत मोबाइल नंबर पर फर्जी काल आने से परीक्षार्थी परेशान हो रहे हैं। साइबर ठग परीक्षार्थियों को फोन कर नबंर बढ़ाने का झांसा दे रहे हैं। अभिभावकों से उनके बेटे के एक दो विषय में फेल होने की बात कह तीन हजार रुपये की मांग कर नंबर बढ़ाने की बात कह रहे हैं। ऐसे फोन भीतरगांव व घाटमपुर इलाके के कई परीक्षार्थियों के पास फोन आये हैं।

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इंटर मैथ में 26 नंबर बता तीन हजार रुपये की मांग की
कस्बा भीतरगांव निवासी एक इंटर परीक्षार्थी के पिता के मोबाइल नंबर में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे 9679828011 से काल आयी। बताया प्रयागराज बोर्ड से बोल रहे हैं। छात्र के मैथ में केवल 26 नंबर हैं। नंबर बढ़ाने के लिए उसने तीन हजार रुपये की मांग की। घाटमपुर निवासी छात्र समीर के पास भी शुक्रवार शाम 3:30 बजे प्रयागराज बोर्ड आफिस का अधिकारी बताकर काल किया गया। इसी तरह कई अन्य परीक्षार्थियों के भी मोबाइल पर फोन आ रहे हैं।

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रोल नंबर के साथ माता-पिता का नाम बताकर करता है वेरीफाई
छात्रों द्वारा बोर्ड फार्म में भरे गये विवरण में जो मोबाइल नंबर पंजीकृत किया गया है, जालसाज उसी नंबर पर फोन कर रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कॉल करने वाले बकायदा छात्रों को उनका नाम, रोल नंबर, जन्मतिथि के साथ माता-पिता का नाम आदि बताकर पहले वेरीफाई कराता है। जिससे परीक्षार्थी और अभिभावक भ्रमित हो रहे हैं। जालसाज द्वारा छात्रों को जिस तरीके से सही सही डिटेल बता रहा है इससे सवाल उठता है कि उनके पास यह जानकारी आई कहां से है।

परीक्षार्थी और उनके अभिभावक समझ लें कि बोर्ड से ऐसी काल कभी नहीं की जा सकती। फिर अंक बढ़ाने के नाम पर पैसा मांगना फर्जीवाड़ा के अलावा कुछ नहीं है। ऐसे जालसाज और साइबर ठगों से परीक्षार्थी और उनके अभिभावकों को एलर्ट रहना होगा। - फतेहबहादुर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक कानपुर

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