कानपुर। शहर में पानी का जबरदस्त संकट है और ऐसे में जल निगम ने हैंडपंप रिबोर कराने से इनकार कर दिया है। जल निगम का कहना है कि उनके पास हैंडपंप रिबोर करने के लिए पैसा नहीं है शासन से धन मिलने पर ही रिबोरिंग होगी।
जल निगम ने रिबोर योग्य 4429 हैंडपंपों में से मात्र साढ़े तीन सौ हैंडपंप ही रिबोर कराए। आश्वासन समिति के अध्यक्ष सतीश महाना, स्थानीय निकाय लोकलेखा मामलों की जांच समिति के अध्यक्ष अजय कपूर की बैठकों में यह मामला उठने के बाद जिला योजना समिति की बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री बीएस रामूवालिया ने रिबोरिंग के लिए धन आवंटित कराने का आश्वासन दिया था, पर अभी तक इस मद में धन नहीं मिला। जबकि हर जगह किल्लत है। जलकल विभाग रोज मामूली गड़बड़ी वाले 50 से 55 हैंडपंप ठीक करा रहा है, पर विभिन्न क्षेत्रों में लगभग इतने ही हैंडपंप रोज खराब भी हो रहे हैं।
हैंडपंपों का हाल
शहर में लगे हैंडपंप-13499
रिबोर हुए हैंडपंप - 350
रिबोर योग्य हैंडपंप-4079
मामूली खराबियों से बंद हैंडपंप-4000 (लगभग)
मामूली कमेियों से बंद हैंडपंपों की मरम्मत के लिए कार्यरत गैंग-30
मामूली खराबी से बंद हैंडपंपों की रोज मरम्मत - 50-55
एक नया हैंडपंप लगने का खर्च - लगभग 45 हजार रुपये
एक हैंडपंप रिबोर कराने का खर्च - 30 हजार रुपये
जलकल विभाग का कार्य
यह विभाग मामूली खराबियों की वजह से बंद हैंडपंपों की मरम्मत कराता है, जबकि जो हैंडपंप रिबोर की स्थिति में पहुंच जाते हैं, उनकी सूची जल निगम को सौंप दी जाती है।
जल निगम का कार्य
यह विभाग जलकल विभाग सेे मिलने वाली सूची के हिसाब से हैंडपंपों को रिबोर कराने के लिए शासन से धन मांगता है। धन मिलने पर रिबोरिंग होती है।