कानपुर। मामूली विवाद में रिक्शा चालक की हत्या करने वाले उसके साथी को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कोर्ट ने छह साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 15 साल पुराने मुकदमे में एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
रिक्शा कंपनी मालिक विमल उर्फ बंटी गुप्ता ने 4 जुलाई 2011 को चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि एचएएल बाउंड्री के पास प्लाॅट में रिक्शा चलाने वाले बांदा के कमासिन निवासी हरिप्रसाद उर्फ हरिश्चंद्र, बउवा और चुन्नू रहते थे। चार जुलाई की रात तीनों में झगड़ा हो गया। सूचना पर वह पहुंचे तो हरिप्रसाद और चुन्नू ने बउवा के सिर पर डंडे से वार कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हरिप्रसाद और चुन्नू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान चुन्नू उर्फ रामनिवास की मौत हो गई। एडीजीसी ने बताया कि सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने हरिप्रसाद को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई।
तंबाकू फैक्टरी संचालक की जमानत अर्जी खारिज
कानपुर। गुजैनी में पकड़ी गई अवैध पान मसाला और तंबाकू फैक्टरी के संचालक सरसौल के नौगवां गौतम निवासी अजय की जमानत अर्जी प्रभारी स्पेशल सीजेएम आनंदेश सिंह ने खारिज कर दी है। अजय को 12 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अजय ने जमानत अर्जी दाखिल की थी। कहा कि फर्म में वह एक कर्मचारी है और उसे झूठा फंसाया गया जिसका विरोध करते हुए विशेष अभियोजन अधिकारी ने तर्क रखा कि अजय को पूरी जानकारी थी। उसने जानबूझकर करीब 20 करोड़ रुपए सेस की चोरी की है। (संवाद)