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रिटायरमेंट की दहलीज पर खड़े रेलकर्मियों पर छंटनी की तलवार, कर्मचारी चिन्हित

Sun, 11 Aug 2019 11:49 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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रेलवे में लंबी नौकरी कर चुके रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों का डाटा रेलवे बोर्ड ने तलब किया है। इन कर्मचारियों के काम का तरीका, उनका योगदान आदि की समीक्षा की जाएगी। प्रदर्शन के आधार पर ही इन कर्मचारियों को रेल सेवा में रखे जाने और हटाए जाने का डाटा तैयार किया गया है। डाटा में 30 साल की नौकरी या फिर 55 साल की उम्र पूरी कर चुके रेलवे के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को चिह्नित किया गया है। 
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रेलवे बोर्ड ने नौ जुलाई को सभी जोनल रेलवे को पत्र जारी कर एक महीने में इस तरह के कर्मचारियों को चिह्नित करने को कहा था। उत्तर मध्य रेलवे में कानपुर समेत 30 से 32 प्रतिशत इस तरह के कर्मचारी हैं। विजिलेंस रिपोर्ट के आधार पर इनका काम तय किया जाएगा। दरअसल, रेलवे को मिली जानकारी के मुताबिक रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों की कार्यक्षमता जान बूझकर कम हो जाती है।
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उन्हें लगता है कि अब रिटायरमेंट के चार-पांच साल बचे हैं, कट जाएगा। इसमें जो लोग सक्रिय हैैं, उन्हें रखा जाएगा और सुस्त कर्मचारियों को हटा दिया जाएगा। इलाहाबाद मंडल केे वेलफेयर अधिकारी एके सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड देश भर में इस आयु वर्ग के कर्मचारियों की कार्य क्षमता को मापने के लिए समीक्षा कर रहा है।

फैसला विरोधाभासी
एक तरफ रेलवे 60 साल में रिटायर हो चुके कर्मचारियों को दोबारा सेवा विस्तार करने की उम्र बढ़ाकर 65 साल कर चुका है। वहीं, 60 साल के पांच साल पहले ही रिटायर करने का फैसला विरोधाभासी है। जानकारों का कहना है कि सुस्त कर्मचारियों को पांच साल पहले रिटायर कर दिया जाएगा और रिटायरमेंट की उम्र पर खड़े सक्रिय कर्मचारियों को पांच साल का एक्टेंशन (सेवा विस्तार) दिया जाएगा।
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