रेलवे में लंबी नौकरी कर चुके रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों का डाटा रेलवे बोर्ड ने तलब किया है। इन कर्मचारियों के काम का तरीका, उनका योगदान आदि की समीक्षा की जाएगी। प्रदर्शन के आधार पर ही इन कर्मचारियों को रेल सेवा में रखे जाने और हटाए जाने का डाटा तैयार किया गया है। डाटा में 30 साल की नौकरी या फिर 55 साल की उम्र पूरी कर चुके रेलवे के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को चिह्नित किया गया है।
रेलवे बोर्ड ने नौ जुलाई को सभी जोनल रेलवे को पत्र जारी कर एक महीने में इस तरह के कर्मचारियों को चिह्नित करने को कहा था। उत्तर मध्य रेलवे में कानपुर समेत 30 से 32 प्रतिशत इस तरह के कर्मचारी हैं। विजिलेंस रिपोर्ट के आधार पर इनका काम तय किया जाएगा। दरअसल, रेलवे को मिली जानकारी के मुताबिक रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों की कार्यक्षमता जान बूझकर कम हो जाती है।