कानपुर बिल्हौर के जीटी रोड नानामऊ तिराहे के निकट गुरुवार रात रिटायर्ड दरोगा औरैया निवासी विजय सिंह के बेटे अभिषेक उर्फ अनुज की प्रापर्टी के विवाद में गोली मारकर हत्या की गई थी। विजय सिंह ने गांव के एक ही परिवार के चार लोगों पर षडयंत्र और अभिषेक के तीन दोस्तों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोपियों में एक किसी सरकारी विभाग में सब रजिस्ट्रार बताया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मूलरूप से औरैया के एवरा कटरा निवासी विजय सिंह 2014 में पुलिस दरोगा पद से रिटायर हुए थे। इस समय वह परिवार के साथ आवास विकास-एक कल्याणपुर में रहते हैं। विजय ने बताया कि बेटा अभिषेक गुरुवार को दोस्तों के साथ घूमने जाने की बात कहकर घर से निकला था।
पिता ने दर्ज कराई तीन दोस्तों समेत सात लोगों पर रिपोर्ट
रात करीब 11:30 बजे उन्हेें बिल्हौर पुलिस ने अभिषेक की गोली मारकर हत्या किए जाने की सूचना दी। विजय ने पुलिस को बताया कि उनका दो बीघा जमीन को लेकर एवरा कटरा गांव के वीरेंद्र सिंह यादव से विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों में कई बार मारपीट भी हो चुकी है, जिसकी रिपोर्ट भी थाने में दर्ज है। विजय का आरोप है कि प्रापर्टी के विवाद में वीरेंद्र सिंह, उसके बेटे प्रद्युम्न और उसके परिवार के योगेंद्र व संतोष ने अभिषेक की हत्या की साजिश रची।
आरोपियों ने अभिषेक के दोस्त सत्याम विहार कल्याणपुर निवासी अक्षय उर्फ राहुल, वैष्णो नगर बिल्हौर निवासी शिवम कटियार उर्फ हैपी, प्रिंस अवस्थी के साथ मिलकर अभिषेक की हत्या करा दी। विजय के मुतबिक आरोपी प्रद्युम्न किसी सरकारी विभाग में सबह रजिस्ट्रार है। थाना प्रभारी ज्ञान सिंह ने बताया कि रिटायर्ड दरोगा की तहरीर पर वीरेंद्र सिंह, प्रद्युम्न, योगेंद्र, संतोष और अक्षय उर्फ राहुल, शिवम कटियार उर्फ हैपी, प्रिंस अवस्थी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने उसके सीने में फंसी 315 बोर की बुलेट
अभिषेक को पीठ में गोली मारी गई थी, जो सीने में आकर फंस गई थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने उसके सीने में फंसी 315 बोर की बुलेट निकाल कर पुलिस को सौंप दी। पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक के परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए।
एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह ने बताया पुलिस टीम हत्यारोपियों की तलाश में जुटी हैं। कुछ सुराग हाथ लगे हैं। मृतक अभिषेक और हत्यारोपियों का आपराधिक इतिहास देखा जा रहा है। यह पता चला है कि वारदात में प्रयुक्त तमंचा अभिषेक ने कमर में खोंस रखा था। उसकी बाइक पर पीछे बैठे साथी ने अभिषेक की कमर से तमंचा निकाल कर उसे ही गोली मार दी।