जिलाधिकारी को संबोधित सुसाइड नोट लिखकर सोमवार को एक रिटायर्ड अफसर ने खुदकुशी करने की कोशिश की। उसे एक बहादुर युवती ने बचा लिया। यूपी 100 की पुलिस ने वहां जाकर बेटों को बुलाकर यह हिदायत देकर रिटायर्ड अफसर उनको सुपुर्द कर दिया कि उनका उत्पीड़न न किया जाएं।
एक विभाग के प्रमुख पद पर तैनात रह चुके हैं
डेमो पिक
एक बुजुर्ग रिटायर्ड अफसर है। वह एक विभाग के प्रमुख पद पर तैनात रह चुके हैं। परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। आरोप है कि उनका बड़ा बेटा शराब का लती है। वह छोटे भाई के साथ मिलकर उनको प्रताड़ित करता है। वह बेटों को कोई व्यवसाय शुरू कराने के लिए पचास लाख रुपये खर्च कर चुके हैं, लेकिन दोनों कोई काम करना नहीं चाहते हैं।
बेटे उनको पैसे के लिए प्रताड़ित करते हैं। जब वह पैसे नहीं देते तो बेटे इलाकाई दबंगों के पास उनके नाम पर उधार पैसे ले आते हैं। इसके बाद सूदखोर उनसे पैसा वसूलते हैं। जब वह पैसा देने से मना करते हैं तो सूदखोर उनकी पत्नी से गाली-गलौज करते हैं। इसमें उनके बेटे सूदखोरों का साथ देते हैं।
रिटायर्ड अफसर ने सुसाइड नोट में लिखा....
डेमो पिक
इस बार रिटायर्ड अफसर ने पैसा देने से मना कर दिया तो बेटों ने उनके सामने पत्नी से गाली-गलौज कर दी। बेटों ने सुबह उनकी पत्नी को मारने की भी कोशिश की। इससे वह इतना आहत हो गए कि पनकी नहर में कूदकर खुदकुशी करने पहुंच गए। वह सुसाइड नोट किनारे रखकर नहर में कूद गए। रिटायर्ड अफसर ने सुसाइड नोट में लिखा "मैं बेटे और सूदखोरों से परेशान होकर खुदकुशी करने जा रहा हूं। बेटे और सूदखोरों ने मेरी पत्नी की बेइज्जती की है। जिसे मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता। मेरी पत्नी और पौत्र को ही मेरी लाश देखने दी जाए। मेरे मरने के बाद मकान को बेचकर सारे पैसे मेरी पत्नी को दे दिए जाएं। वरना मेरे लोफर लड़के उस पैसे को भी उड़ा देंगे.."
अफसर को नहर में कूदता देखकर वहां पर चाय की दुकान चलाने वाली लड़की नहर में कूद गई। किशोरी ने किसी तरह उनको नहर से बाहर निकाला। इसके बाद वह फूट-फूटकर रोते हुए उन्होंने पीड़ा बयां की। यूपी 100 की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उनके बेटों को बुलाया। इसके बाद बेटों को हिदायत देकर रिटायर्ड अफसर को उनके साथ भेज दिया। एसओ ने घटना की जानकारी से इनकार किया है।