रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर
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जांच साइबर क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। कॉल करने वालों और खातों में गई रकम की जांच के आधार पर पुलिस ने झारखंड के वीरमऊ क्षेत्र के राजू ठाकुर, जवाहरनगर के जय प्रकाश, पुराने सीसामऊ के शुभांकर सिंह, निरालानगर के विक्रम सिंह, रायपुरवा के विनय प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से अर्टिगा कार, मोबाइल, बैंकों के दस्तावेज, खातों से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए। आरोपियों ने पूछताछ में जानकारी दी कि उन्हें सीआईएसएफ ओडिशा के राउरकेला में तैनात दाऊद अंसारी की ओर से रकम ट्रांसफर करने और निकलवाने के निर्देश मिलते हैं। पुलिस की दो टीमें राउरकेला के लिए रवाना हो गई हैं। सीआईएसएफ स्टाफ को आरोपी के खिलाफ पत्र दिया जाएगा। वहां उसके खिलाफ जांच की जाएगी।
पांच प्रतिशत कमीशन के चक्कर में दिए खाते
एडीसीपी क्राइम ब्रांच अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि विक्रम सिंह और विनय प्रताप सिंह रिश्ते में मामा भांजे हैं। जय प्रकाश भी रिश्तेदारी में आता है। आरोपियों को दबोचा गया तो उन्होंने बताया कि पांच प्रतिशत कमीशन के चक्कर में उन्होंने अपने बैंक खाते इस्तेमाल के लिए दिए थे। उन्हें और कोई जानकारी नहीं है। पुलिस गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।
रामबाग के बुजुर्ग दंपती को 12 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने के मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जिसमें एक झारखंड का रहने वाला है। गिरोह में शामिल सीआईएसएफ के जवान की भूमिका संदिग्ध मिली है। उसकी जांच कराई जा रही है। - रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर