आयुध निर्माणियों में सीधी भर्ती पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में 16 अक्तूबर को आयुध निर्माणी बोर्ड की ओर से सभी निर्माणियों के महाप्रबंधकों को निर्देश जारी किए गए हैं। इस मामले में अब अप्रैल 2019 तक फिर विचार करने को कहा गया है। बोर्ड के निर्देश का कर्मचारी संगठन ने विरोध जताया है।
इस वित्तीय वर्ष में निर्माणियों के विभिन्न विभागों में करीब 2,768 पदों पर सीधी भर्ती की जानी थी। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हुई थी। अब बताया गया है कि सरकार ने सेना को सप्लाई होने वाले 275 आइटमों को नॉन कोर आइटम में शामिल कर दिया है। आइटमों को नॉन कोर में शामिल किए जाने और इसके बाद निर्माणी पर पड़ने वाले प्रभाव के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने आयुध निर्माणी बोर्ड को रिपोर्ट दे दी है।
रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने सीधी भर्ती पर रोक लगा दी है। कहा गया है कि अप्रैल 2019 में इस पर फिर से मंथन किया जाएगा। इंटक नेता आशीष पांडेय ने बताया कि सरकार की यह नीति कर्मचारी विरोधी है। सरकार आयुध निर्माणियों का अस्तित्व खत्म करने पर तुली है।