कानपुर में बिल्हौर पुलिस का सोमवार को एक कारनामा सामने आया। पुलिस ने सपा नेता की तहरीर पर आठवीं कक्षा के छात्र पर तीन युवकों को बंधक बनाकर पीटने की एफआईआर दर्ज की। इसमें छात्र के पिता (भाजपा के पूर्व जिला मंत्री) भी नामजद हैं।
छात्र व उसके माता-पिता ने मंगलवार को एसएसपी से शिकायत की। इस पर एसएसपी ने मामले की जांच सीओ बिल्हौर को सौंपी है। साथ ही थानेदार की भूमिका की जांच के आदेश भी दिए। बिल्हौर के ब्रह्मनगर कस्बा निवासी सपा नेता अविनाश मिश्रा ने 30 अगस्त को कस्बे के नरेंद्र मिश्रा नवले व उसके बेटे (12) की एफआईआर लिखाई थी।
यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आरोप था कि पिता-पुत्र ने अविनाश व उसके दोस्तों अमित व आदेश को कार में खींचकर पीटा। मंगलवार को एसएसपी दफ्तर में नरेंद्र ने बताया कि बिल्हौर पुलिस ने दबाव में कार्रवाई कर उनके व उनके बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इस पर एसएसपी ने तुरंत बिल्हौर थानेदार से फोन पर पूरा मामला पूछा।
इंस्पेक्टर ने जब तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही तो एसएसपी ने उसे जमकर फटकारा। एसएसपी ने बिल्हौर सीओ को मामले की जांच सौंपी है। यदि जांच में नवले के आरोप सही पाए गए तो थानेदार पर कार्रवाई होगी। एफआईआर भी स्पंज होगी। वहीं झूठा मुकदमा दर्ज कराने में अविनाश पर कार्रवाई होगी।
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दोनों हैं रिश्तेदार, राजीतिक विवाद
पुलिस के मुताबिक अविनाश व नवले रिश्तेदार हैं। काफी दिनों से दोनों के बीच विवाद चल रहा है। दोनों के बीच राजनीतिक लड़ाई भी चलती है। हालांकि जांच के बाद पूरा मामला स्पष्ट होगा।
सीसीटीवी फुटेज सौंपे
एफआईआर के मुताबिक 30 अगस्त की शाम साढ़े सात बजे अविनाश व उनके दोस्तों को पीटा गया। नवले का दावा है कि उस वक्त उनका बेटा घर पर था। इससे संबंधित सीसीटीवी फुटेज एसएसपी को सौंपे हैं।