कानपुर। तहसीलदार न्यायिक कैलाश यादव की कोर्ट में रिश्वतखोरी को लेकर पिछले दिनों वायरल हुए वीडियो को लेकर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को तहसीलदार न्यायिक और पेशकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है जिसमें वायरल वीडियो के विषय में पूछा गया है। वहीं, तहसीलदार न्यायिक ने कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
तहसीलदार न्यायिक कैलाश नाथ यादव की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि कोर्ट में दो बाहरी व्यक्ति आपस में रुपयों का लेनदेन कर थे। इससे कोर्ट की छवि धूमिल हुई है। वायरल वीडियो में बताया जा रहा है कि कोर्ट में तैनात कारीगर अजय शुक्ला कुर्सी पर बैठकर एक व्यक्ति से फाइल के साथ सीट के नीचे रुपये लेता है जो पूरी तरह से निजी कर्मचारी है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की ओर से मामले की जांच के लिए एडीएम न्यायिक चंद्रशेखर को नामित किया गया था।