कानपुर। गोविंदनगर निवासी युवक को शातिर ने फाइनेंस कंपनी में कलेक्शन के पद पर नौकरी पर रख ग्राहकों से ठगी कराई। कुछ दिनों बाद युवक के घर पुलिस पहुंची तो उसे जालसाजी की जानकारी मिली। इस दौरान पीड़ित को उधार लेकर दो लोगों के रुपये लौटाने पड़े। अब युवक ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नौरैयाखेड़ा निवासी विकास गौतम ने बताया कि वह नौकरी के लिए मशक्कत कर रहा था। इसी दौरान विक्रम कुमार नाम के व्यक्ति ने एलएंडटी फाइनेंस कंपनी का व्यक्ति बताते हुए मोबाइल फोन पर उसका इंटरव्यू लिया। 16 जुलाई को कंपनी में ज्वाॅइन कराई। बताया गया कि नियुक्ति दस्तावेज कलेक्शन के पद पर हुई है। शुरुआत के सात दिन ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद नियुक्ति पत्र भेजा जाएगा। विश्वास में आकर विकास ने काम शुरू किया।
25 जुलाई को वह विक्रम के कहने पर ग्राहक ज्योति सिंह के पास पहुंचा। वहां से आधार, पैन, फोटो, हस्ताक्षर युक्त चेक और 8910 रुपये फाइल चार्ज लिए। करीब एक घंटे बाद जागृति ने फोनपे से 29 हजार रुपये विकास के मोबाइल पर भेजे। आरोप है कि विक्रम ने कुछ देर बात विकास से अपने मोबाइल पर मंगवा ली। जागृति का 1.03 लाख रुपये का चेक भी कैश कराकर अपने खाते में जमा करा लिया। इसी तरह माया देवी नाम की ग्राहक से 99 रुपये अपने खाते में डलवा लिए।
उधर रकम निकलने की जानकारी होने पर जागृति पुलिस लेकर विकास के घर पहुंची जहां से उसे थाने ले जाया गया तब जालसाजी का पता चला। विक्रम ने फोन उठाना बंद कर दिया। थाने में विकास को 89 हजार रुपये जागृति को देने पड़े जबकि मायादेवी से हुए समझौते के बाद 39 हजार रुपये लौटाने पड़े। इसके लिए उसने कर्ज लिया। वहीं, रिपोर्ट होने पर विकास का बैंक खाता भी साइबर सेल ने फ्रीज कर दिया। गोविंदनगर थाना प्रभारी अशोक दुबे ने बताया कि रिपोर्ट दर्जकर मामले की जांच की जा रही है। (संवाद)