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UP में योगी सरकार के '1 साल का रिपोर्ट कार्ड', कितने नंबर देंगे आप?

Mon, 19 Mar 2018 04:43 PM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार को बने एक साल पूरा हो चुका है। इन 365 दिनों में सरकार के कुछ काम ऐसे हैं जिनसे अपराधियों के होश उड़ गए तो वहीं व्यापारियों की नाराजगी दूर करने में भाजपा सरकार अभी भी फेल साबित हो रही है। जानिए योगी सरकार के '1 साल के रिपोर्ट कार्ड' के बारे में...
महिलाओं को दिया तोहफा
आए दिन बढ़ रहे अपराध व महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने यूपी की महिलाआों को खास तोहफा दिया है। जिससे महिलाएं न सिर्फ सुरक्षित रहेंगी बल्कि उन्हें खास सुविधाएं भी मिलेंगी। महिलाओं के सुरक्षित सफर के लिए अब कानपुर से पिंक महिला एसी बसें चलाई जाएंगी। इसमें महिलाएं नाबालिग बच्चों के साथ सफर कर सकेंगी। बस में खुफिया कैमरों के साथ सुरक्षा गार्ड भी तैनात होंगे। इसका किराया वॉल्वो, शताब्दी एवं स्कै निया से कम होगा।  उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम महिला एक्सप्रेस बसों का संचालन कानपुर के अतिरिक्त लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर, बरेली, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, आगरा, अलीगढ़ एवं मथुरा से भी करेगा। बसों को खरीदने के प्रस्ताव पर निदेशक मंडल की चार जनवरी को प्रस्तावित बैठक में फैसला होगा। इसके लिए निर्भया फंड के तहत केंद्र सरकार 82 करोड़ रुपये का अनुदान देगा। 41 करोड़ रुपये आ भी चुके हैं। 
 

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अयोध्या (फैजाबाद) और मथुरा (वृंदावन) को नए नगर निगम क्षेत्र का दर्जा

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

यूपी सरकार ने अयोध्या (फैजाबाद) और मथुरा (वृंदावन) को नए नगर निगम क्षेत्र का दर्जा दे दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक में अभी तक ये दोनों शहर नगर पालिका के दायरे में आते थे। नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद यहां विकास के काम और तेजी से हो सकेंगे। अयोध्या और फैजाबाद को मिलाकर एक नगर निगम और मथुरा और वृंदावन को मिलाकर दूसरा नगर निगम बनाया जाएगा। नगर निगम बनने के बाद इन शहरों में केंद्र सरकार की जेएनएनयूआरएम जैसी योजनाओं का फायदा तो मिलेगा ही, साथ ही यहां हाउस टैक्स और दूसरे करों से राजस्व बढ़ेगा।

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डॉक्टरों को एक साल के लिए कांट्रेक्ट पर लिया जाएगा

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

डॉक्टरों को एक साल के लिए कांट्रेक्ट पर लिया जाएगा और जरूरत के अनुसार उनका कांट्रेक्ट 2 सालों के लिए भी किया जा सकता है। चिकित्सकों को प्रोत्साहन देने के लिए एमबीबीएस को सुविधाजनक शहरी क्षेत्रों में 50 हजार प्रतिमाह तथा ग्रामीण और श्रेणी दो के क्षेत्रों में 65 हजार प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।इसी तरह स्पेशलिस्ट को सुविधाजनक शहरी क्षेत्रों में 80 हजार प्रतिमाह तथा ग्रामीण और श्रेणी दो के क्षेत्रों में 1 लाख 20 हजार प्रतिमाह मानदेय देने के फैसले लिए गए हैं। सरकार की नई नीतियों के अनुसार ट्रांसफर की प्रक्रिया एक फरवरी से 31 मार्च तक रहेगी।
 

पति और पत्नी को एक स्थान पर पोस्टिंग

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

इस प्रक्रिया के तहत निजी, प्रशासनिक और जनहित में तीन आधार होंगे। स्पेशलिस्ट की पोस्टिंग जहां वास्तव में आवश्यकता हो वहीं की जायेगी। पति और पत्नी को एक स्थान पर पोस्टिंग दी जा सकेगी। एक वेबसाइट खोलकर उसके माध्यम से स्थानांतरण के लिए आवेदन की सुविधा दी जा सकेगी। वाणिज्य कर में तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों में पांचवां अधिकारी सेवा नियमावली 2017 को प्रख्यापित किया गया है। सरकार के अनुसार परियोजनाओं की समसीमा को लेकर अभी तक जिन बिन्दुओं पर ध्यान न देते हुए केवल घोषणा की जाती थी, इसके बजाय अब योजनाओं में पारदर्शिता को सबसे ऊपर रखते हुए डीपीआर, लैंड अवेलिबिलिटी, कॉस्ट और समयबद्धता का मानक पहले से ही तय किया जाएगा।

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर टोल

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर टोल लगाने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने का फैसला भी किया गया। टोल चार्ज के लिए बिडिंग प्रक्रिया के लिए अनुश्रवण समिति का गठन किया गया। इस कड़ी में एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के लिए भी कंसल्टेंट नियुक्त किया गया। सरकार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए, सैमसंग और इंटेक्स के मामले में सरकार ने फैसला लिया है कि राज्य में सैमसंग 4915 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। सैमसंग और इंट्रा टेक्नालाजी इंडिया लिमिटेड के उत्तर प्रदेश में निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने से दस हजार लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलंगे। सैमसंग ने 4915 करोड़ रुपये निवेश करने का नया प्रस्ताव दिया है। तो वहीं इंट्रा टेक्नालाजी के 372 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

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अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगाए जाने का मुद्दा

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में चल रहे अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगाए जाने का मुद्दा जोर शोर से उठाया था। सरकार बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने अवैध बूचड़खानों पर बैन लगाए का आदेश दिया था। इसके तहत प्रदेश में चलने वाले कई अवैध बूचड़खानों को सील कर दिया गया।सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने सत्ता में आते ही गौ तस्करी पर पूरे प्रदेश में बैन लगा दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आदेश देकर गौ तस्करी प्रतिबंधित करने के आदेश दिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में अहम फैसला लेते हुए किसानों की कर्ज माफी की थी। इसमें लघु एवं सिमांत किसानों द्वारा लिए गए एक लाख रुपये तक के कर्ज माफ किए गए। इसके लिए योगी आदित्यनाथ सरकार बैंक को 36,359 करोड़ रुपये देगी।

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मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा 15 दिनों में मांगा

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सरकार बनने के फौरन बाद हरकत में आते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा 15 दिनों में मांगा। हालांकि, कई मंत्रियों द्वारा 15 दिनों में ब्यौरा न दिए जाने के बाद सीएम ने दोबारा पत्र लिखा। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी ने वरिष्ठ अधिकारियों को सभी सरकारी दफ्तरों में बायोमैट्रिक अटैंडेंस व्यवस्था शुरू करने के आदेश दिए हैं। कर्मचारियों की लेटलतीफी को देखते हुए यह फैसला किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना पर असहयोगात्मक रुख अख्तियार करते हुए जनता को इसके लाभ से वंचित रखा गया है। इस संबंध में तत्काल सुधार की जरूरत पर बल देते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि इस कार्य को नगर विकास विभाग से लेकर आवास विकास विभाग को दिया जाए, जिससे इस योजना का लाभ प्रदेश की जनता को दिलाया जा सके। 

कितने किसानों का हुआ भला

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ ने किसानों की कर्जमाफी के साथ कृषि से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी काम किया है जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलने वाला है। इसके लिए किसानों का जागरूक करने के लिए कृषि शिक्षा, कृषि विपणन, सहकारिता, पशुधन, मत्स्य, दुग्ध विकास, ग्राम्य विकास, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, लघु सिचाई एवं भूगर्भ जल, पंचायतीराज, युवा कल्याण तथा ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा इत्यादि शुरू की गई है। इसके अलावा किसानों को निशुल्क राय देने के लिए हेल्पलाइन शुरू करने की भी योजना तैयार की गई है।
हालांकि हकीकत ये है कि किसानों के लिए ये योजनाएं नाकाफी है। 
 

गड्ढा मुक्त सड़कों के दावे फेल

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

योगी सरकार के इस दावे की हवा निकल गई। सीएम योगी ने सरकार बनने के बाद यह आदेश जारी किया था कि प्रदेश की सभी सड़कें गड्ढा मुक्त हों। जनता को लगा चलो सड़कें नई भले ही न हो लेकिन कम से कम गड्ढा मुक्त तो होंगी। लेकिन जो डेडलाइन सीएम योदी ने तय किया था उस डेडलाइन तक प्रदेश की सड़कों का सूरत-ए-हाल बदला नहीं था। अब भी प्रदेश की अनगिनत सड़के गड्ढों से पटी पड़ी है। तमाम मीडिया रिपोर्ट चीख-चीख कर इसकी गवाही दे रही है। ऐसा भी नहीं है कि प्रदेश में सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए कोई काम ही नहीं हुआ हो। इस बीच बहुत सी सड़कों का उद्धार भी हुआ है। लेकिन दावा पूरा करने में सरकार विफल रही। इसके लिए अब सरकार ने डेडलाइन डेट आगे सरका दी है। 

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921 एनकाउंटर, 2214  एनकाउंटर के बाद गिरफ्तारी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

योगी सरकार ने बीते 2,214 अपराधियों  को जेल भेजा है। मार्च 2017 से दिसंबर 2017 के बीच के ये आंकड़े पुलिस विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से मंगवाए हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि सबसे ज्यादा एनकाउंटर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए हैं। हालांकि, यूपी पुलिस यह रिपोर्ट आधिकारिक रूप से एक-दो दिन में जारी करेगी। विधानसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद 19 मार्च 2017 को योगी सरकार ने यूपी की सत्ता संभाली थी। उसके बाद से प्रदेश में कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने की मुहिम शुरू की गई थी। उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानून-व्यवस्था नियंत्रण के लिए 20 मार्च 2017 से 31 दिसंबर 2017 के बीच 921 एनकाउंटर किए। 
पश्चिमी उत्तर प्रदेश टॉप पर 
यूपी पुलिस के तैयार किए गए आंकड़ों को देखें तो सबसे ज्यादा एनकाउंटर्स पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए हैं। वेस्ट यूपी में भी सबसे ज्यादा एनकाउंटर मेरठ जिले में किए गए हैं। मेरठ में 362 एनकाउंटर हुए हैं। इन मुठभेड़ों के दौरान 19 बदमाश मारे गए। वहीं दूसरे नंबर पर आगरा जिला है। मेरठ और आगरा के आंकड़ों में लगभग आधे का अंतर है। आगरा में 178 एनकाउंटर हुए और यहां 3 बदमाश मारे गए। 
आंकड़े- 
एनकाउंटरः 921 
एनकाउंटर के बाद गिरफ्तारीः 2214 
घायल हुए बदमाशः 196 
मारे गए बदमाशः 31 
घायल हुए पुलिसकर्मीः 210 
मारे गए पुलिसकर्मीः 03 
इनामी बदमाशः 1688 
रासुका वाले बदमाशः 112 

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