कानपुर। जिले को उन्नाव से जोड़ने वाले जाजमऊ पुल की हालत खराब है। बड़े-बड़े गड्ढे होने की वजह से वाहन ठीक तरीके से निकल नहीं पाते हैं। इसकी मरम्मत के लिए एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) की ओर से दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। यह टेंडर 29 अक्तूबर तक खुलेंगे।
कानपुर से उन्नाव के लिए जाने वाला पुल काफी सालों पहले एनएचएआई की ओर से डेढ़ लेन का बनाया गया था। उस समय रोड पर यातायात कम होने की वजह से वाहनों के आवागमन में परेशानी नहीं होती थी। धीरे-धीरे यातायात का दबाव बढ़ा तो पुल की बेयरिंग कमजोर होने लगी। अब हालत यह है कि जैसे ही भारी वाहन निकलता है तो पुल कंपन करने लगता है। ऐसे में एनएचएआई की ओर से पुल की तकनीकी जांच के लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) नई दिल्ली को पत्राचार किया गया। वहां से आई टीम ने 20 पिलरों में लगीं 82 बेयरिंग सहित अन्य तकनीक जांच की। जांच रिपोर्ट में बेयरिंग की मरम्मत, पिलरों को मजबूत करने, स्लैब को और मजबूत करने की सलाह दी थी।
रिपोर्ट के आधार पर एनएचएआई की ओर से सितंबर के पहले सप्ताह में टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी लेकिन ठेकेदारों को एनएचएआई की शर्तें समझ में नहीं आ रही थीं। इस वजह से किसी ने टेंडर नहीं डाला। अब फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। टेंडर 29 अक्तूबर को खुलेंगे। ऐसे में उम्मीद है कि नवंबर में मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा।
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दोबारा टेंडर प्रक्रिया की गई है। 29 नवंबर को टेंडर खुलेंगे। इसके बाद जांच होगी। टेंडर पास होने पर ही काम शुरू कराया जाएगा। -पंकज यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई