खुद ही नमाज पढ़ने जाने लगा। उसने मन्नत मांगी थी कि परीक्षा में अच्छे नंबर आए तो वह अजमेर जाएगा। इस दौरान वह पढ़ाई भी करता रहा, नंबर भी बढ़िया आ गए तो उसका विश्वास और बढ़ गया। जब डांट पड़ी तो वह अजमेर के लिए निकल गया।
यह तथ्य सामने आया, तस्दीक कर रही पुलिस
एसीपी ने बताया कि छात्र व मौलाना से पूछताछ की गई। दोनों ने बताया कि जब छात्र नमाज पढ़ने गया था तो मौलाना ने उससे कहा था कि अगर परिवार वाले राजी हों तभी वह यहां आए। वरना न आए। पुलिस इस बयान की और तस्दीक कर रही है। एसीपी का कहना है कि पूरे मामले में अब तक किसी तरह की साजिश के साक्ष्य नहीं मिले हैं।