वर्चुअल उद्घाटन में मौजूद विभिन्न अधिकारी
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गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। चीनी मिल में गन्ना डालने के लिए पर्ची की समस्या हो या फसल में रोग लगने की, अब किसानों को चीनी मिलों की दौड़ नहीं लगानी होगी। एक ही कॉल पर गन्ना किसानों की समस्या न सिर्फ सुनी जाएगी, बल्कि इसका निस्तारण भी कराया जाएगा।
जिले में स्थापित तीन चीनी मिलों समेत चार चीनी मिलों का एकीकृत किसान सुविधा केंद्र का मुख्यालय लोनी चीनी मिल में बनाया गया है। चीनी उद्योग क्षेत्र में ये देश का पहला सुविधा केंद्र है। जिले में संचालित लोनी, हरियावां और रूपापुर की चीनी मिलें फर्रुखाबाद, सीतापुर, शाहजहांपुर और लखीमपुर के किसानों का भी गन्ना खरीदती हैं।
औसत के मुताबिक लगभग सवा दो लाख किसान इन चीनी मिलों में गन्ना बेचते हैं। किसानों को गन्ने के पेराई सत्र में सबसे अधिक समस्या तौल के लिए पर्ची को लेकर होती है। पर्ची हासिल करने, पर्ची कैलेंडर की जानकारी जुटाने के लिए किसानों को कभी चीनी मिल का तो कभी गन्ना सहकारी समितियों का चक्कर लगाना पड़ता है।
अब किसानों को ऐसा नहीं करना होगा। एकीकृत सुविधा केंद्र तीनों चीनी मिलों ने संयुक्त रूप से शुरू किया है। इसमें लखीमपुर जनपद की अजबापुर चीनी मिल को भी शामिल किया गया है, क्योंकि जनपद में पिहानी विकास खंड के अधिकांश किसानों का गन्ना अजबापुर चीनी मिल में जाता है।