कानपुर। डाकघर में रजिस्ट्री सेवा अब तीन अक्तूबर से से बंद हो जाएगी। इसकी जगह अब स्पीड पोस्ट से ही दस्तावेज या पार्सल भेजे जा सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार पहले यह सेवा एक सितंबर से बंद होने को थी। अब तिथि बढ़ा दी गई है। विभाग ने यह कदम सेवाओं को आधुनिक और कुशल बनाने के लिए उठाया है।
डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस सेवा के नुकसान और फायदे दोनों ही हैं। स्पीड पोस्ट से रजिस्ट्री सेवा सस्ती थी। यह उनके लिए नुकसानदायक होगा जो कम खर्च में दस्तावेज भेजना चाहते थे। विशेषकर गांव में लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। मसलन एक-दो किलो वजन वाली रजिस्ट्री लखनऊ भेजी जाती है तो चार्ज 168 रुपये लगता है। वहीं स्पीड पोस्ट में 60 रुपये लगता लेकिन यही रजिस्ट्री चेन्नई भेजी जाती है तो इसका चार्ज यही रहेगा जबकि स्पीड पोस्ट में चार्ज कई गुना बढ़ जाएगा।
हालांकि उम्मीद की जार ही हैकि रजिष्ट्री के बंद होने पर स्पीड पोस्ट में कुछ और सुविधाएं मिलेंगी। अधिकारियों के अनुसार स्पीड पोस्ट में ट्रैकिंग की सुविधा बेहतर होती है। आप आसानी से पार्सल को ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं लेकिन रजिस्ट्री में यह सुविधा इतनी उन्नत नहीं है। स्पीड पोस्ट प्रीमियम सुविधा होने से काम का बोझ कम होगा और प्रक्रिया में तेजी आएगी। पहले रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट के लिए अलग-अलग काउंटर हो सकते थे लेकिन अब सभी प्रीमियम सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी।
उप अधीक्षक डाकघर एपी सिंह ने बताया कि तीन अक्तूबर से यह सुविधा बंद हो जाएगी। अब स्पीड पोस्ट के जरिए ही दस्तावेज भेजे जा सकेंगे। स्पीड पोस्ट में दूरी और वजन के आधार पर चार्ज देना पड़ता है।