कानपुर। पहले लोगों ने टीकाकरण अभियान में बच्चों को टीके नहीं लगवाए और अब फाइलेरिया की दवा नहीं खिला रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि टीमें गठित की गई हैं। वे घरों में जाकर लोगों को समझा रही हैं। दवा खाने का लोग विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि फाइलेरिया का संक्रमण बहुत देर में पता चलता है। बाद में रोगी की स्थिति बिगड़ जाती है। अगर दवा खा लें तो बचाव रहता है। साल में एक बार ही फाइलेरिया की दवा खानी होती है। डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि लोग झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। शहर में 1009 परिवार ऐसे चिह्नित किए गए थे जिन्होंने अपने बच्चों का टीकाकरण नहीं कराया। उन्होंने बताया कि 457 परिवारों को टीकाकरण के लिए राजी किया गया है। सीएमओ डॉ. नेमी ने लोगों से अपील की कि फाइलेरिया की दवा खाएं। बचाव का यही तरीका है। ब्यूरो