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टिकट कटने से नाराज रीता का शिवपाल के बंगले पर धरना

Thu, 29 Dec 2016 11:13 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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मुलायम के करीबी को टिकट देने के लिए कटा रीता का पत्ता
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समाजवादी पार्टी की कानपुर आर्यनगर विधानसभा सीट से टिकट कटने से नाराज रीता जितेंद्र बहादुर सिंह बृहस्पतिवार सुबह से अपने समर्थकों के साथ लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के घर जाकर धरने पर बैठ गईं। वह जिद पर अड़ी हैं कि उनका टिकट क्यों काटा गया। 
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सीट को लेकर दिन भर लखनऊ से लेकर कानपुर तक चर्चा रही। बताया जा रहा है कि नेताजी के किसी करीबी को यह टिकट दिया जाना है, इसीलिए रीता की छुट्टी कर दी गई। कहा यह भी जा रहा है कि पूर्व में कई बार चुनाव लड़ चुके और वर्तमान में दर्जाधारी मंत्री सुरेंद्र मोहन अग्रवाल के खाते में यह टिकट जा सकता है। चर्चा यह भी है कि सुरेंद्र खुद न लड़कर अपने बेटे को चुनाव लड़वा सकते हैं।
करीब नौ महीने पहले सपा ने नगर की बाकी सीटों के साथ आर्यनगर सीट पर रीता को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। छात्र नेता रहे और सपा नगर अध्यक्ष रहे जितेंद्र बहादुर सिंह, रीता के पति थे। 2012 में सपा के टिकट से वह इसी सीट पर विधानसभा चुनाव लड़े थे और दूसरे नंबर पर रहे थे। बीमारी की वजह से बाद में उनकानिधन हो गया और पार्टी ने उनकी पत्नी को टिकट दे दिया। सपा खेमे में लगातार यह बात उठती रही कि रीता जितेंद्र बहादुर धन और बल से कमजोर हैं, इसलिए उनके टिकट पर संशय है। नेताजी ने उनका टिकट काटकर सपाइयों के संशय पर मुहर लगा दी। जिसका रीता और उनके समर्थक विरोध कर रहे हैं। इधर इस सीट के दूसरे दावेदारों ने लखनऊ-कानपुर एक कर दिया। बताया जा रहा है कि आर्यनगर के लिए सुरेंद्र मोहन की नेताजी के साथ गुरुवार को मीटिंग होनी थी, लेकिन ऐन वक्त पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पहुंचने से मीटिंग कैंसिल हो गई। सुरेंद्र मोहन दिन भर मालरोड स्थित अपने कार्यालय में समर्थकों के साथ बैठक करते रहे।
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एक मात्र महिला को भी हटा दिया
रीता का टिकट काटने के बाद कहा जा रहा है कि नगर की सभी 10 सीटों में से एक मात्र महिला प्रत्याशी को भी पार्टी ने हटा दिया। आर्यनगर में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी होने की वजह से यहां किसी मुस्लिम प्रत्याशी को उतारने की बात भी सामने आ रही है।
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