प्रदेश सरकार की ‘हमारी बेटी उसका कल’ और लेपटॉप जैसी योजनाएं बंद होने का असर मदरसों पर दिखने लगा है। छात्राओं की संख्या में पिछले साल की तुलना में इस बार पांच हजार से अधिक की कमी आई है। जानकारों की मानें तो योजनाएं थीं तो उनका लाभ लेने के लिए छात्राओं के अभिभावक उनका एडमिशन करा देते थे।
शहर में बीस मदरसे अनुदान प्राप्त हैं। इसके अलावा आलिया (दसवीं) कक्षा तक मान्यता प्राप्त 25 मदरसे हैं। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने का निर्देश दिया था। 8 दिसंबर तक परीक्षा फार्म भरे गए थे। इसके बाद सभी मदरसों से परीक्षा फार्म की फोटोकापी और डीवीडी जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में जमा करने का निर्देश दिया गया था। ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने के बाद छात्राओं की संख्या में काफी कमी आ गई है। पिछले साल 14232 परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए फार्म भरे थे। इनमें 60 फीसदी से ज्यादा छात्राओं की संख्या थी। इस बार 8994 की परीक्षा फार्म भरे गए हैं। इस साल छात्राओं की संख्या पिछले साल के मुकाबले घट गई है।
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प्रदेश सरकार ने हमारी बेटी उसका कल योजना के तहत पहले साल 17 सौ छात्राओं को 30-30 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद मदरसों से हाईस्कूल करने वाली छात्राओं की संख्या में काफी इजाफा हो गया था। डिग्री कालेजों में भी पढ़ने वाली तमाम लड़कियों ने मदरसा बोर्ड से हाईस्कूल का फार्म भर दिया था। मदरसा संचालकों ने भी छात्राओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रवेश दिलाया था। योजना खत्म होने के बाद फिर वही स्थिति आ गई जो पहले थी।
डॉ. इशरत सिद्दीकी, चेयरमैन, इंपावरमेंट आफ मुसलिम वूमेन
उत्तर प्रदेश मदरसा परिषद ने इस बार आनलाइन परीक्षा के फार्म भरवाए हैं। इस बार परीक्षा के लिए फार्म भरने वाले परीक्षार्थियों की संख्या में पांच हजार की कमी आई है। पिछले साल 14 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। आलिया में परीक्षा देने वाली छात्राओं की संख्या में पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कमी आई है। इसका कारण तो यही लग रहा है कि हमारी बेटी उसका कल योजना बंद होने की वजह से इस बार छात्राओं ने मदरसों में प्रवेश कम ही लिए हैं।
मुकेश कुमार चंदानी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
मदरसा सिद्दीकिया पटकापुर में इस बार 1300 छात्राओं ने फार्म भरा है। पिछले साल इस मदरसे की दो हजार छात्राओं ने परीक्षा दी थी। इस बार हमारी बेटी उसका कल योजना बंद होने और लैपटाप का भी वितरण न होने से मदरसे में छात्राओं की संख्या घट गई है। योजना का लाभ लेने के लिए पिछले साल काफी छात्राओं ने प्रवेश लिया था। हाईस्कूल के अलावा फाजिल की परीक्षा में भी छात्राओं की संख्या काफी थी।
रशीद अनवर सिद्दीकी, प्रबंधक, मदरसा सिद्दीकिया, पटकापुर