कई तक मौसम बेहद खराब रहता है। तब फसलों पर खराब असर पड़ता है। कभी कभी
फसलें बेकार हो जाती हैं। किसानों की खून पसीने की मेहनत पर पानी फिर जाता
है। अगर हम मुख्य फसल के साथ सह फसल वैज्ञानिकों के सुझाय तरीके से करें तो
घाटा कम होता है।
कृषि विज्ञान केंद्र कानपुर देहात के वैज्ञानिकों ने
इस बार खराब मौसम के बाद किसानों की फसलों को खराब होने की चिंताओं को
देखते हुए सह फसली माडल तैयार किया है। इसमें आलू के साथ गेहूं, अलसी,
चना, मटर, लहसुन आदि के साथ की जा सकती है। केंद्र के समन्वयक वैज्ञानिक
अशोक कुमार ने बताया कि इस तरह की फसल करने से विपरीत मौसम से एकदम से
नुकसान नहीं होता है।
वैज्ञानिक अरविंद यादव ने बताया कि इस तरह की सह फसल
केंद्र पर तैयार खड़ी है। डा. राजेश राय ने बताया कि इस तरह के खराब मौसम
को देखकर इस तरह का प्रयोग केंद्र पर किया गया था। जिसको देखने के लिए
किसान पहुंच रहे हैं। डा अभिमन्यु ने कहा कि तरह की सह फसल किसानों को करनी
चाहिए।