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रेडबुल गटकने वालों हो जाओ जरा सावधान!

Sat, 24 Jun 2017 12:26 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

-गाजियाबाद लैब से भी निगेटिव रिपोर्ट आई
-चार नमूने, आठ जांच, हर बार असुरक्षित बताया गया
- अब हर बैच की ड्रिंक्स प्रतिबंधित करने की संस्तुति
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विस्तार
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एनर्जी ड्रिंक्स रेड बुल गटकने वालों अब वक्त है जरा सावाधान होने का। अगर आप इस ड्रिक्स का सेवन करते हैं और इसकी दीवानगी का भूत आपके सिर पर सवार हैं तो ये खबर आप ही के लिए है। एक बार पढ़िए जरूर...
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एनर्जी कोल्ड ड्रिंक्स रेडबुल जांच में फिर असुरक्षित निकली है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अलग-अलग समय पर रेडबुल के चार नमूने लिए। यह सभी लखनऊ लैब की जांच में असुरक्षित निकले। कंपनी की अपील पर इन चारों नमूनों की जांच दुबारा गाजियाबाद लैब से कराई गई। अब वहां भी यह असुरक्षित निकले। अभिहित अधिकारी सय्यद शाहनवाज हैदर आबिदी ने बताया कि मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। अभी तक जिले में एक बैच नंबर की बिक्री प्रतिबिंधित थी। अब रेडबुल की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित करने की संस्तुति की जा रही है।

 

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एक नमूना, दो जांच
10 अगस्त 2016 को जाह्नवी पान भंडार गोविंद नगर की दुकान से रेडबुल एनर्जी कोल्ड ड्रिंक्स का सैंपल भरा गया था। इसकी रिपोर्ट दो नवंबर 2016 को आई थी। रिपोर्ट में सैंपल अनसेफ निकला था। इस पर जाह्नवी पान विक्रेता, आपूर्तिकर्ता डीलर प्रियम इंटरप्राइजेज भन्नानापुरवा और रेडबुल कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मुकदमे पर रेडबुल कंपनी ने अभिहीत अधिकारी के यहां अपील कर दी थी। इसलिए सैंपल दुबारा जांच के लिए गाजियाबाद लैब भेजा गया। 22 फरवरी 2017 को गाजियाबाद लैब ने अपनी रिपोर्ट में इसे फिर अनसेफ (असुरक्षित) करार दिया है।

 

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तीन नमूने, छह जांच
छह मार्च 2016 को रेडबुल के थोक विक्रेता हीरा पन्ना इंटरप्राइजेज डी ब्लाक डिफेंस कालोनी जाजमऊ में छापा मारकर अलग-अलग बैच नंबर के तीन नमूने भरे गए। एक मई 2017 को लखनऊ लैब की जांच रिपोर्ट में तीनों नमूने असुरक्षित निकले। कंपनी ने नमूनों की जांच के खिलाफ अपील कर दी। इस पर नमूनों की जांच गाजियाबाद लैब से कराई। इसकी जांच रिपोर्ट 20 जून को असुरक्षित आई।
 
अभिहीत अधिकारी सैय्यद शाहनवाज हैदर आबिदी ने बताया रेडबुल एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा ज्यादा मिली है। इसमें कैफीन की मात्रा अधिकतम 320 पीपीएम (पार्ट पर मिलियन) होनी चाहिए थी। नमूने की जांच में 370 और 380 पीपीएम मिली है। इस तरह यह पेय पदार्थ सेहत के लिए हानिकारक साबित हुआ है।

 
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तब कंपनी ने दी थी सफाई
एनर्जी कोल्ड ड्रिंक्स रेडबुल में तय मात्रा से ज्यादा कैफीन की बात जुलाई 2013 में ‘अमर उजाला’ ने उठाई थी। उस समय रेडबुल कंपनी ने ‘अमर उजाला’ को अपनी सफाई देते हुए कहा था कि यह सेहत के लिए हानिकारक नहीं है। छह मार्च 2017 को नमूना हानिकारक निकलने पर हेड ऑफ मीडिया प्रोडक्ट्स एंड कम्युनिकेशन मुंबई रेडबुल के अर्जुन एस रवि ने दावा किया था कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच के बाद ही रेडबुल की आपूर्ति की जाती है। सवाल उठाया गया था कि जांच के बाद आपूर्ति होने वाला एक सैंपल अनसेफ कैसे आ गया। तब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आशंका जताई थी कि बिना जांच कराए ही खेप आपूर्ति करने के कारण ऐसा रहा होगा।
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