भाजपा के बागी पार्षद ने अपनी नस काटने की कोशिश की। नगर निगम मुख्यालय मोतीझील में हड़कंप मच गया। पवन गुप्ता विकास कार्य न होने से नाराज थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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विकास कार्यों को लेकर भाजपा के बागी पार्षद पवन गुप्ता की नगर निगम मुख्यालय में मुख्य अभियंता से बहस हो गई। इसके बाद पोर्टिको में उन्होंने जेब से उस्तरा निकाल कर हाथ की नस काटने का प्रयास किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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वार्ड-34, अशोकनगर के पार्षद पवन गुप्ता सोमवार दोपहर करीब तीन बजे मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने मुख्य अभियंता आलोक श्रीवास्तव से क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़ी लंबित फाइलों के बारे में जानकारी मांगी। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसके बाद पवन गुप्ता ने जेब से उस्तरा निकाला और अपने हाथ की नस काटने का प्रयास किया। यह देख मुख्य अभियंता वहां से चले गए तभी साथी बागी पार्षद विकास जायसवाल, लक्ष्मी कोरी, कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों ने बीचबचाव किया। सूचना पर स्वरूपनगर पुलिस पहुंची और सीसीटीवी फुटेज देखे।
पार्षद ने बताया कि विकास कार्यों की फाइलें दबाई जा रही हैं जनता के काम नहीं हो रहे हैं। जनता के सवालों का जवाब देना मुश्किल हो रहा है। जोन-4 में उनके वार्ड के विकास कार्यों की फाइलें अभियंत्रण विभाग से नहीं बनाई जा रहीं। इनमें सुंदरीकरण, इंटरलॉकिंग और फुटपाथ बनाने जैसे कार्य होने हैं। करीब 45 दिन पहले बमुश्किल चार फाइलें बनाकर भेजी गईं। अभी भी कई विकास कार्यों की फाइलें अटकी हैं।
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जनता पूछती है सवाल
पार्षद ने आरोप लगाया कि ब्रह्मनगर चौराहा धंसने के तीन साल बाद भी उसका काम पूरा नहीं हो सका है। 80 फीट रोड पर चार महीने पहले नाला धंस गया था। नाले का निर्माण तो करा दिया गया लेकिन सड़क की मरम्मत अब तक पूरी नहीं हुई है। दीपावली जैसे त्योहार के दौरान भी क्षेत्र में विकास कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं। इससे नाराज स्थानीय लोग उनसे जवाब मांगते हैं और उनका घेराव करते हैं।
महापौर से चल रहा विवाद
बता दें कि महापौर प्रमिला पांडेय के खिलाफ भाजपा के पांच बागी पार्षदों ने पहले से ही मोर्चा खोल रखा है। विकास कार्यों और अन्य मुद्दों को लेकर पार्षदों की नाराजगी लगातार सामने आ रही है। पवन गुप्ता समेत पांच भाजपा पार्षद विकास कार्यों की फाइलें लंबित रखने और गायब होने का आरोप लगा चुके हैं। सितंबर में महापौर कार्यालय में हुए विवाद में भी पवन गुप्ता का नाम सामने आया था। बागी पार्षदों ने विकास कार्यों में भेदभाव और महापौर के बेटे पर नगर निगम के कामकाज में हस्तक्षेप का आरोप लगाया था।
थम नहीं रहे विवाद
नगर निगम में विवाद थम नहीं रहे हैं। टेंडर घोटाले के खुलासे के बाद से हर दिन कोई न कोई विवाद खड़ा हो रहा है। एक तरफ भाजपा के ही पांच बागी पार्षद महापौर प्रमिला पांडेय के खिलाफ मोर्चा खोले हैं तो दूसरी ओर महापौर व नगर आयुक्त के बीच अधिकारों की लड़ाई चल रही है। सोमवार की घटना ने नगर निगम के भीतर चल रही खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया है।
कुछ अधिकारी व कर्मचारी महापौर और उनके बेटे के इशारे पर काम कर रहे हैं। इस वजह से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सोच कर गए थे कि अगर फाइलें नहीं भेजी गईं तो हाथ की नस काट कर जान दे देंगे। इसीलिए नाई की दुकान से उस्तरा साथ ले गए थे। - पवन गुप्ता, पार्षद, वार्ड- 34
कोई बहस नहीं हुई, पार्षद की जोन-4 की जो भी विकास कार्यों की फाइलें किसी कारण से रुकी हुई थीं, उन्हें पूरा करा आगे भेजा जा रहा है। साथ ही अधिकारियों को भी कहा है कि आगे से ऐसा न हो और फाइलें आगे बढ़ाते रहे। - आलोक श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता, नगर निगम