फोटो 20 एकेबीपी-28 - खजूर वाली मस्जिद के इमाम हाफिज मुजीब रजा। संवाद
घरों में पढ़ें नमाज, गले मिलने से करें परहेज
कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान में रख मनाएं बकरीद का त्योहार
संवाद न्यूज एजेंसी
राजपुर। कोरोना महामारी के चलते घरों में ही नमाज पढ़ें। संक्रमण से बचाव के लिए गले मिलने से परहेज करें। अफसर व मस्जिदों के इमाम इस बाबत लोगों को जागरुक कर रहे हैं। प्रतिबंधित मवेशियों का कुर्बानी न करें।
सिकंदरा कस्बे की खजूर वाली मस्जिद के इमाम हाफिज मुजीब रजा ने कहा कि सभी धर्म के लोगों का सम्मान करना शिक्षित समाज का दायित्व है। इससे ईद-उल-अजहा के पर्व में अन्य धर्मों की आस्था का ख्याल रखते हुए खुले स्थान पर सार्वजनिक रूप से किसी भी मवेशी की कुर्बानी न करें। साथ ही प्रतिबंधित मवेशियों की कुर्बानी न करने की हिदायत दी। कोविड के चलते गरीब परिवारों के सामने आर्थिक संकट है। इससे त्योहार में सभी को गरीबों की मदद करने का फर्ज बढ़कर निभाना चाहिए। इससे भाईचारा बढ़ता है।
राजपुर कस्बे की नूरी जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अजमत अली ने कहा कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार सामूहिक दावतों से दूरी बनाएं। ईद-उल-अजहा की नमाज बुधवार सुबह नौ बजे मस्जिद में पांच लोगों की मौजूदगी में अदा कराई जाएगी। लोग घरों में रहकर इबादत करें।