पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के छूटे प्रोजेक्टों को मिलेगी गति
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल 20 अक्टूबर को कानपुर आ रहे हैं। उनके सामने बैंकों का एनपीए चुनौती की तरह है। गुरुवार को सेंट्रल बोर्ड की मीटिंग में इस पर गहन चर्चा होगी। गांवों में बैंकिंग सुधार पहले से ही गवर्नर की प्राथमिकता में है।
उर्जित पटेल डिप्टी गवर्नर रहने के दौरान जिन समितियों के अध्यक्ष रहे उनके अधूरे छूटे प्रोजेक्टों को आगे बढ़ा सकते हैं। केंद्र सरकार के अधीन आते विभागों में वित्तीय सारक्षता बढ़ाने के लिए के लिए अहम कदम उठाए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री की जनधन योजना का अगला चरण शुरू होने वाला है। ऐसे में गांवों में बैंकिंग हालात के जरूरी कदम जरूरी फैसले लिया जाना तय है। इसके अलावा सभी की नजर नए गवर्नर के उन कामों पर होगी जिनसे वे देश में बैंकिंग सेक्टर को नई दिशा देने की कोशिश करेंगे।