आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल (फाइल फोटो)
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल ने डेबिट कार्ड डाटा चोरी होने के मामले को अतिसंवेदनशील करार दिया है। उन्होंने रिजर्व बैंक के सभी क्षेत्रीय निदेशकों को ऑनलाइन बैंकिंग, डेबिट- क्रेडिट कार्ड की सुरक्षा समीक्षा के निर्देश दिए हैं। शीर्ष बैंक के अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू भी कर दी है। रिजर्व बैंक की गुरुवार को कानपुर में हुई सेंट्रल बोर्ड की मीटिंग में इस बिंदु पर व्यापक चर्चा हुई थी।
रिजर्व बैंक के सूत्र बताते हैं कि वित्त मंत्रालय ने एटीएम कार्ड के डाटा चोरी प्रकरण पर व्यापक रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा ऑनलाइन बैंकिंग को बढ़ावा देने की दिशा में डाटा चोरी प्रकरण का क्या असर पड़ेगा, इसकी भी समीक्षा की जा रही है। शुक्रवार को भी गवर्नर लगातार इस मसले पर अधिकारियों से जानकारी लेते रहे।
क्षेत्रीय निदेशकों ने सभी बैंकों से स्थिति की जानकारी देने को कहा है। रिजर्व बैंक के पास भी अभी ब्लॉक किए गए डेबिट/एटीएम कार्ड की सही संख्या नहीं है। यह भी नहीं पता है कि कुछ कितने एटीएम कार्ड इसके दायरे में हैं। रिजर्व बैंक के एक अधिकारी का कहना है कि केंद्रीय बैंक का सबसे ज्यादा जोर इस बात पर है कि साइबर अटैक के असर को कम किया जाए। इसके लिए सभी बैंकों को हाई अलर्ट जारी किया गया है। इस प्रकरण पर लापरवाही करने वाले बैंक के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा सकता है।
पब्लिक के लिए अलर्ट जारी
-एटीएम का पासवर्ड समय समय पर बदलते रहें।
-बैंक से मैग्नेटिक चिप वाले एटीएम कार्ड को ईवीएम चिप वाले कार्ड में बदल लें
-ऑनलाइन शॉपिंग से परहेज करें। ऑनलाइन भुगतान में सतर्कता बरतें।
-पब्लिक प्लेस पर वाई फाई इस्तेमाल करने से बचें। हैकर्स डाटा चोरी कर सकते हैं
-होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, शॉपिंग मॉल में कार्ड से भुगतान करते समय पासवर्ड न बताएं।